'मैंने जंग नहीं रुकवाई...', भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता वाले बयान से पलटे ट्रंप
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम को लेकर चर्चा में आ गए हैं. हाल ही में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "मैं ये नहीं कह रहा कि मैंने जंग रुकवाई, लेकिन मैंने मदद जरूर की थी."
नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम को लेकर चर्चा में आ गए हैं. हाल ही में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "मैं ये नहीं कह रहा कि मैंने जंग रुकवाई, लेकिन मैंने मदद जरूर की थी." उनके इस बयान ने एक बार फिर भारत-पाक तनाव और अमेरिका की भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी है. भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई 2025 को अचानक युद्धविराम की घोषणा हुई थी. इस ऐलान के तुरंत बाद ट्रंप ने ट्वीट कर दावा किया था कि दोनों देशों के बीच पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम अमेरिका की पहल से संभव हुआ. उन्होंने भारत और पाकिस्तान को "श्रेष्ठ बुद्धिमत्ता और सामान्य समझदारी" के लिए बधाई भी दी थी.
"मैंने जंग नहीं रुकवाई, लेकिन तनाव कम किया"
हालिया कार्यक्रम में ट्रंप ने अपने पुराने बयान से थोड़ी दूरी बनाते हुए कहा, "मैं यह नहीं कह रहा कि मैंने मध्यस्थता की, लेकिन उस समस्या को हल कराने में जरूर मदद की, जो पिछले सप्ताह और भी ज्यादा खतरनाक हो रही थी." यानी ट्रंप का इशारा साफ था कि उन्होंने पर्दे के पीछे कोई भूमिका निभाई थी, लेकिन औपचारिक रूप से खुद को मध्यस्थ नहीं मानते.
भारत ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज किया
भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह नकार दिया कि उन्होंने ट्रेड रोकने की चेतावनी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में मदद की थी. सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पाकिस्तान के साथ सैन्य तनाव के दौरान भारत और अमेरिका के बीच किसी भी चर्चा के दौरान ट्रेड का मुद्दा नहीं उठा था. डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया था कि पाकिस्तान के साथ जब तनाव चरम पर था, उस दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच संपर्क तो था, लेकिन व्यापार जैसी कोई बात नहीं हुई.
ट्रंप का बड़ा दावा: "न माने तो व्यापार बंद कर देता"
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले बयान में कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से कहा था कि अगर वे युद्धविराम पर सहमत होते हैं तो अमेरिका व्यापार में मदद करेगा, और अगर नहीं मानते तो अमेरिका व्यापार नहीं करेगा. ट्रंप के मुताबिक इस चेतावनी के बाद ही दोनों देश सीजफायर पर सहमत हुए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2025 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

