'मेरा रिश्ता है हाफिज सईद से': पाकिस्तान के बड़े नेता का कबूलनामा, आतंक के चेहरे से फिर उठा नकाब
हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब विधानसभा के स्पीकर मलिक मुहम्मद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम यह कहते नजर आ रहे हैं, "मेरा रिश्ता है हाफिज सईद से."
पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवाद और सरकार के गठजोड़ के कारण दुनिया की नजरों में आ गया है. हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब विधानसभा के स्पीकर मलिक मुहम्मद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम यह कहते नजर आ रहे हैं, "मेरा रिश्ता है हाफिज सईद से." यह बयान उस वक्त आया है जब हाफिज सईद पर अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है और वह यूएन द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी है.
क्या कहा मलिक मुहम्मद ने?
पत्रकार ताहा सिद्दीकी द्वारा साझा किए गए वीडियो में मलिक मुहम्मद कहते हैं: “मेरा एक रिश्ता है हाफिज सईद के साथ. मेरे वालिद मरहूम (पिता) के साथ उनका बहुत गहरा ताल्लुक था... हम पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग को अपनी दूसरी जमाअत मानते हैं.” मरकजी मुस्लिम लीग, हाफिज सईद की लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा की राजनीतिक शाखा मानी जाती है.
आतंक को मिल रहा है राजनीतिक मंच
इस वीडियो ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि पाकिस्तान में आतंकवाद कोई छिपा एजेंडा नहीं, बल्कि सरकारी और सियासी संरक्षण प्राप्त नीति है. जिस नेता को विधानसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, वही आतंकियों से रिश्तों का गर्व से उल्लेख कर रहा है. ये बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान दुनिया को दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह आतंक के खिलाफ सख्त है.
पंजाब विधानसभा के स्पीकर मलिक मुहम्मद का हाफिज सईद से रिश्ता
UN की चुप्पी पर उठा सवाल
अफगानिस्तान की निर्वासित सांसद मरियम सोलैमानखिल ने कड़ा सवाल उठाते हुए कहा, “पाकिस्तान में आतंक नीति है, गलती नहीं. हाफिज सईद का बेटा माइक पकड़ता है, और शांतिप्रिय लोगों को जेल मिलती है. और यूएन? दूरबीन से नरसंहार देख रहा है, चुप बैठा है.”
यूएन ने 2008 में हाफिज सईद को वैश्विक आतंकी घोषित किया था, लेकिन आज तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
हाफिज सईद जेल में नहीं, आरामदायक ‘सब-जेल’ में
भले ही पाकिस्तान सरकार कहती है कि हाफिज सईद 78 साल की सजा काट रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. भारत की खुफिया रिपोर्ट और सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक वह लाहौर स्थित अपने बंगले में रह रहा है, जिसे “सब-जेल” घोषित किया गया है. वहां उसे आईएसआई की सुरक्षा में तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं.
भारत की दो टूक – अगर बात करनी है, तो आतंकियों को सौंपो
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 मई को पाकिस्तान से साफ कहा कि, “हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकी भारत को सौंपो. अगर पाकिस्तान बातचीत में गंभीर है, तो आतंकियों को छुपाना बंद करे.” साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पाकिस्तान की जमीन से चल रहे प्रॉक्सी युद्ध और आतंकी ट्रेनिंग कैंपों को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा.