35 साल बाद राइनलैंड पैलेटिनेट में बदलेगी सरकार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

एएफडी ने पश्चिमी राज्य में राइनलैंड पैलेटिनेट में रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की है और लगभग 20 प्रतिशत मतों के साथ पश्चिमी जर्मनी में अब तक का अपना सबसे बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है.पश्चिमी जर्मनी में राइनलैंड पैलेटिनेट विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के मुताबिक जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स की कंजर्वेटिव पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) राज्य में 35 साल बाद सत्ता में लौटने जा रही है. वहीं सेंटर लेफ्ट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी) को करारा झटका लगा है. एग्जिट पोल के अनुसार सीडीयू ने लगभग 30 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं, जबकि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को करीब 27 प्रतिशत वोट मिल रहे हैं.

उधर, धुर दक्षिणपंथी दल ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) ने राज्य में रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की है और लगभग 20 प्रतिशत मतों के साथ पश्चिमी जर्मनी में अब तक का अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है. नेशनल टीवी चैनलों एआरडी और जेडडीएफ के एग्जिट पोल के मुताबिक यह परिणाम एएफडी के लिए पिछले चुनावों की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं. एएफडी की सह अध्यक्ष अलीस वाइडेल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर इसे “बहुत बड़ी सफलता” बताया.

"राज्य में बदलाव लाएंगे”

सीडीयू के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार गॉर्डन श्नाइडर ने एग्जिट पोल सामने आने के बाद जीत का दावा किया और राज्य की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक नीतियों में बड़े बदलाव लाने का वादा किया. सीडीयू को हालिया सर्वेक्षणों में एसपीडी पर मामूली बढ़त मिल रही थी. दोनों पार्टियां राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन सहयोगी भी हैं, लेकिन राज्य स्तर पर मुकाबला कड़ा माना जा रहा था.

राइनलैंड पैलेटिनेट फ्रांस, बेल्जियम और लग्जमबर्ग की सीमा से लगा जर्मन राज्य है और इसकी आबादी लगभग 40 लाख है. यह अपनी खड़ी नदी घाटियों, अंगूर के बागों और किलों के लिए प्रसिद्ध है. राज्य में भारी उद्योग भी महत्वपूर्ण है, जिनमें स्टील उद्योग, रसायन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बीएएसएफ और अमेरिकी सैन्य अड्डे शामिल हैं. यहीं रामस्टाइन एयर बेस भी है, जिसे अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा माना जाता है.

एसपीडी के लिए बड़ा झटका

वर्तमान मुख्यमंत्री एसपीडी के आलेक्जांडर श्वाइत्सर ग्रीन पार्टी और फ्री डेमोक्रेट्स के साथ अपनी गठबंधन सरकार को बनाए रखने की उम्मीद में चुनाव मैदान में उतरे थे. लेकिन एग्जिट पोल संकेत देते हैं कि सीडीयू के गॉर्डन श्नाइडर उनकी इस उम्मीद को तोड़ देंगे. सीडीयू 1991 के बाद पहली बार इस राज्य की सत्ता में लौटेगी.

यह चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स के लिए बड़ी राहत होगी, जिनकी लोकप्रियता हाल के महीनों में घटती दिखाई दे रही थी. मैर्त्स ने यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी को पुनर्जीवित करने का चुनावी वादा किया था, लेकिन उन्हें अब तक काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. मैर्त्स ने श्नाइडर के लिए प्रचार किया था, जो उनके परिवहन मंत्री पैट्रिक श्नाइडर के भाई हैं. हालांकि मैर्त्स ने यह भी कहा था कि राज्य चुनाव का असर राष्ट्रीय स्तर पर सीडीयू और एसपीडी के सहयोग पर नहीं पड़ना चाहिए.

एसपीडी के लिए यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी हाल के वर्षों में लगातार चुनावी झटके झेलती रही है. राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी ने पिछले वर्ष अपने इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन दर्ज किया था, जब पूर्व चांसलर ओलाफ शॉल्त्स के नेतृत्व में उन्हें फरवरी 2025 के राष्ट्रीय आम चुनाव में केवल 16.4 प्रतिशत वोट मिले थे.

मजबूत होती एएफफडी

राष्ट्रीय स्तर पर एएफडी अब सीडीयू के बराबर लगभग 25 प्रतिशत के आसपास दिख रही है. राइनलैंड पैलेटिनेट की राजधानी माइंत्स के एक मतदान केंद्र पर वोट डालने आई 20 वर्षीय छात्रा योसेफीन ने कहा कि उन्होंने राज्य को “दक्षिणपंथ की ओर फिसलने से रोकने के लिए” वोट दिया. उन्होंने कहा कि समाज को उस दिशा में नहीं जाना चाहिए, “जिसका इतिहास हमें पहले ही सबक दे चुका है.”

सितंबर में पूर्वी जर्मनी के कई राज्यों में चुनाव होंगे, जहां एएफडी के बड़े प्रदर्शन और संभावित बहुमत की संभावना जताई जा रही है. जर्मनी में अन्य सभी पार्टियां एएफडी के साथ गठबंधन से इनकार करती रही हैं, जिससे यह चुनाव और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं.

इस माह की शुरुआत में सीडीयू को एक और धक्का लगा था, जब बड़े राज्य बाडेन वुर्टेमबर्ग में पार्टी ग्रीन पार्टी के आगे पिछड़ गई थी, जबकि उसे शुरुआत में बढ़त हासिल थी. राइनलैंड पैलेटिनेट के एग्जिट पोल अब इस राज्य के लिए बड़े बदलाव की दस्तक दे रहे हैं.