बलात्कार के आरोप में 30 साल जेल में रखने के बाद मुकदमा खारिज
अमेरिका के ओकलाहोमा की एक अदालत ने मंगलवार को एक ऐसे शख्स के खिलाफ मुकदमा खारिज कर दिया, जो 30 साल से जेल में बंद है.
अमेरिका के ओकलाहोमा की एक अदालत ने मंगलवार को एक ऐसे शख्स के खिलाफ मुकदमा खारिज कर दिया, जो 30 साल से जेल में बंद है.पेरी लॉट नाम के इस शख्स पर एक घर में सेंध लगाने और बलात्कार के आरोप लगाए गए थे. यह मामला 1987 का है. दोषी ठहराए जाने के बाद जब डीएनए टेस्ट कराया गया, तो पता चला कि उसने यह अपराध नहीं किया. पोनटोटॉक काउंटी के डिस्ट्रिक्ट जज स्टीवन केसिंगर ने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया. पेरी लॉट को उस पर लगे आरोपों से मुक्त कर यह मुकदमा स्थायी रूप से खारिज कर दिया गया.
35 साल बाद आरोपमुक्त
61 साल के लॉट ने मुकदमा खारिज होने के बाद एक बयान में कहा, "मैंने कभी यह उम्मीद नहीं छोड़ी कि यह दिन आएगा. 35 साल बीतने के बाद भी मुझे यकीन था कि सच्चाई सामने आएगी. आखिरकार मैं अब इस मामले को बंद कर जिंदगी में आगे बढूंगा."
19 जेल में गुजारने वाले निर्दोष को मुलेगा मुआवजा
लॉट को 2018 में जेल से रिहा कर दिया गया था. यह तब की बात है, जब डीएनए टेस्ट के नतीजे पहली बार सामने आए. हालांकि इस रिहाई के लिए पूर्व डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी पॉल स्मिथ ने उसे दी गई सजा को बदलने की शर्त रखी थी. अदालत के साथ इस बात पर सहमति बनी थी कि उसे आरोपमुक्त करने की सुनवाई चलने के दौरान वह जेल से बाहर आजाद रह सकेगा. उस वक्त स्मिथ ने कहा था कि डीएनए सबूत उसे संदिग्ध मानने से नहीं रोक रहे हैं.
लॉट की रिहाई में मदद करने वाले इनोसेंस प्रोजेक्ट ने इस साल की शुरुआत में नए डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एरिक जॉनसन के सामने यह मामला उठाया. जॉनसन ने मामले की समीक्षा की और लॉट को आरोपमुक्त करने पर सहमत हुए. इनोसेंस प्रोजेक्ट के वरिष्ठ कर्मी अटॉर्नी अदनान सुल्तान ने एक बयान में कहा, "पांच साल पहले सारे सबूत उसकी बेगुनाही के थे, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला. हम गलत को सही करने की डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एरिक जॉनसन की प्रतिबद्धता के लिए उनके आभारी हैं."
ओकलाहोमा स्टेट के कानून के मुताबिक, किसी को गलत दोषी करार देने पर उसे राज्य सरकार से 175,000 डॉलर का जुर्माना मिलता है. हालांकि इसके लिए उसे आरोपमुक्त किया जाना जरुरी है.
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ऐसी और भी कई मामले हैं
अमेरिकामें लॉट का मामला काउंटी में उसी समय आया, जब टॉमी वार्ड और कार्ल फोनटेनॉट का मामला चल रहा था. इनके मामलों पर भी दुनिया की नजर थी और इनके विषय पर कई किताबें भी लिखी गई हैं. इनमें जॉन ग्रिशम की "द इनोसेंट मैन" भी है, जिस पर नेटफ्लिक्स ने छह हिस्से में एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है. एक फेडरल जज ने फोनटेनॉट को तो रिहा करने का आदेश दे दिया, लेकिन वार्ड अब भी जेल में है.
किताबों और डॉक्यूमेंट्री में रॉम विलिय्मसन और डेनिस फ्रित्ज की हाई प्रोफाइल आरोपमुक्ति का भी खूब जिक्र है. इन्हें इसी काउंटी में 1982 में वेट्रेस डब्रा सू कार्टर की हत्या का दोषी करार दिया गया था. इस मामले में जांच करने वाले , अभियोग लगाने वाले और सूचना देने वाले जेल के वही मुखबिर थे, जिन्होंने वार्ड और फोन्टेनेंट के मामले में भी यह भूमिका निभाई थी. विलियम्सन को तो एक बार मौत की सजा देने की भी तैयारी हो गई थी. बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया.
एनआर/एसएम (एपी)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 12, 2023 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

