जानिए, 5 फरवरी को दुनिया और आपके आस पास क्या कुछ हो रहा है, डीडब्ल्यू हिंदी की ताजा खबरों में.एप्सटीन फाइल्स में नाम आने से बिल गेट्स "शर्मिंदा"
खत्म हुई अमेरिका-रूस की "न्यू स्टार्ट" संधि, बढ़ा परमाणु खतरा
फ्रांस ने किया विदेशी नौसेनाओं के ताइवान मिशन का समर्थन
अमेरिका ने किया, दुर्लभ खनिज ट्रेड ब्लॉक स्थापित करने का एलान
जर्मनी में माया टी. के समर्थन में प्रदर्शन
पीएम मोदी के भाषण के बिना लोकसभा से पास धन्यवाद प्रस्ताव
अमेरिका और ईरान की बातचीत शुक्रवार को ओमान में
अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने शुक्रवार (6 फरवरी) को ओमान में होने वाली बातचीत की पुष्टि की है. बुधवार को दोनों देशों ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ओमान की राजधानी मस्कट में वार्ता की जाएगी.
बातचीत को लेकर सहमति न बनने की खबरों के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा, "मैं सभी जरूरी इंतजाम करने के लिए अपने ओमानी भाइयों का शुक्रगुजार हूं."
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारियों ने भी शुक्रवार को ओमान में होने जा रही बातचीत की पुष्टि की. इसी हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी अधिकारियों ने संभावना जताई थी कि यह बातचीत तुर्की में होगी.
अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा ईरान ओर रवाना
बातचीत की पुष्टि के बावजूद दोनों पक्षों ने वार्ता के स्पष्ट एजेंडा सामने नहीं रखा है. तेहरान चाहता है कि बातचीत पश्चिम के साथ लंबे समय से चले आ रहे परमाणु कार्यक्रम विवाद पर ही हो.
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम के साथ ही ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, मध्य पूर्व में तेहरान समर्थक लड़ाके गुटों की भूमिका और ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई पर भी बात होगी.
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि मिसाइल प्रोग्राम बातचीत की मेज पर नहीं आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका गैर परमाणु मुद्दों को लाता है तो बातचीत गड़बड़ा सकती है.
खाड़ी दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे जर्मन चांसलर
जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने अपने तीन दिवसीय खाड़ी दौरे की शुरुआत सऊदी अरब से की है. गुरुवार, 5 फरवरी को मैर्त्स अपने कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ सऊदी अरब के शासक, शाही राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान से मिल रहे हैं.
जर्मन चांसलर, जर्मनी के ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना चाहते हैं. सप्लाई चेन में कई देशों को शामिल कर जर्मनी, प्राकृतिक तरल गैस (एलएनजी) को लेकर अमेरिका पर अपनी निर्भरता घटाना चाहता है.
मैर्त्स ने कहा, "ऐसे वक्त में जब बड़ी ताकतें ज्यादा तेजी से राजनीति तय कर रही हैं, हमें ऐसी साझेदारी की पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है."
खाड़ी देशों के साथ जर्मनी के गहरे रिश्ते है. जर्मनी, सऊदी अरब को बड़ी मात्रा में हथियार बेचता आया है. खाड़ी के देशों में चल रहे आधारभूत ढांचे के कई प्रोजेक्ट में जर्मनी शामिल है. साथ ही फोल्क्सवागन और डॉयचे बैंक जैसी जर्मन कंपनियों ने वहां काफी निवेश भी किया है.
सऊदी अरब के बाद मैर्त्स कतर जाएंगे और फिर यूएई. मध्य पूर्व में ईरान को लेकर जारी तनाव के बीच जर्मन चांसलर शुक्रवार को खाड़ी से लौटेंगे.
ड्रीमलाइनर में संभावित फ्यूल स्विच खराबी पर ब्रिटेन ने एयर इंडिया से जवाब तलब किया
ब्रिटेन की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) ने एयर इंडिया से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसके बोइंग 787 ड्रीमलाइनर ने संभावित रूप से खराब फ्यूल स्विच के बावजूद लंदन से उड़ान कैसे भरी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक विमान को भारत पहुंचने पर जरूरी सुरक्षा जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया था. सीएए ने मंगलवार को भेजे पत्र में चेतावनी दी है कि अगर एयरलाइन एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब नहीं देती, तो एयर इंडिया और उसकी 787 बेड़े के खिलाफ नियामक संबंधी कार्रवाई की जा सकती है.
एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि उसने फ्यूल स्विच की दोबारा जांच की है और किसी तरह की तकनीकी समस्या नहीं मिली है. एयरलाइन ने भरोसा दिया कि वह ब्रिटेन के नियामक को पूरा जवाब देगी. वहीं, सीएए ने कहा कि किसी भी विमानन घटना के बाद जवाब मांगना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और यह सुरक्षा आश्वासन प्रोटोकॉल के अनुरूप है.
पिछले साल अहमदाबाद में एयर इंडिया का विमान हादसे का शिकार हो गया और उसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी.
एप्सटीन फाइल्स में नाम आने से बिल गेट्स "शर्मिंदा"
माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स ने मर चुके यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन के साथ बिताए "हर मिनट" पर अफसोस जताया है. अमेरिका का न्याय विभाग इस समय जेफ्री एप्सटीन से जुड़े दस्तावेज रिलीज कर रहा है. इन दस्तावेजों में विश्व प्रसिद्ध नेता, कारोबारी और कई नामी लोगों के नाम सामने आ रहे हैं.
रिलीज किए गए दस्तावेजों में एप्सटीन का एक ड्राफ्ट ईमेल है. इसमें वह आरोप लगा रहे हैं कि बिल गेट्स विवाहेत्तर संबंधों में शामिल हैं. ड्राफ्ट मेल में एप्सटीन ने लिखा है कि वह "रूसी लड़कियों के साथ सेक्स के बाद के असर को झेलने के लिए दवाएं लेने में बिल की मदद कर रहा है."
इन खुलासों के बाद बिल गेट्स ने 9 न्यूज ऑस्ट्रेलिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हर मिनट जो मैंने उसके बिताया, उसका मुझे अफसोस है. मैं माफी मांगता हूं."
बिल गेट्स ने स्वीकार किया वह 2011 में एप्सटीन के संपर्क में आए और तीन साल तक उससे मिलते रहे. रिलीज हुए एप्सटीन दस्तावेजों के कुछ आरोपों को नकारते हुए बिल गेट्स ने कहा, "वह ईमेल कभी नहीं भेजा गया. वह ईमेल गलत है. मुझे नहीं पता उस वक्त वो क्या सोच रहा था. क्या वह किसी तरह मुझ पर हमला करना चाहता था?"
बिल गेट्स की इस माफी के बाद उनकी पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने यूएस नेशनल पब्लिक रेडियो को इंटरव्यू दिया है. इंटरव्यू में मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने कहा, इन दस्तावेजों ने "मेरी शादी की उन बहुत ज्यादा दुखदायी स्मृतियों को" फिर से ताजा कर दिया है. 2021 में बिल गेट्स से तलाक लेने वाली मेलिंडा ने कहा, "मेरे लिए निजी रूप से जब भी ये जानकारियां आती हैं तो बहुत ही मुश्किल होती है."
जेफ्री एप्सटीन, बिल क्लिंटन, डॉनल्ड ट्रंप, केविन स्पेसी, प्रिंस एंड्रयू समेत तमाम मशहूर और ताकतवर लोगों का दोस्त था. 2005 में, एप्सटीनपर यौन शोषण का आरोप लगा. ठोस सबूतों के बावजूद, उसने महज 13 महीने की सजा काटी. और इस दौरान उसे काम के लिए हफ्ते में छह दिन जेल से बाहर जाने की इजाजत भी मिलती थी.
1980 के दशक में न्यूयॉर्क में एक फाइनेंसर के रूप में, जेफ्री एप्सटीन ने बड़ी तेजी से अमीर और प्रभावशाली क्लाइंट्स बना लिए. लोगों से मुलाकात और दूसरे हिसाब-किताब को वह एक छोटी डायरी में रखता था. उसने प्राइवेट जेट, हवेलियां और यहां तक कि अपना खुद का आइलैंड भी खरीदा, इन्हीं जगहों पर अपराधों को अंजाम दिया जाता था.
माना जाता है कि उसने अपने घरों में कैमरे लगाए थे ताकि यौन शोषण में शामिल मशहूर हस्तियों को फिल्माया जा सके और उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके. 2019 में नाबालिगों की सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप में उसे जेल भेजा गया, जहां कुछ ही हफ्तों बाद संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई.
पीएम मोदी के भाषण के बिना लोकसभा से पास धन्यवाद प्रस्ताव
लोकसभा में गुरुवार, 5 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 28 जनवरी को संसद के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव को बिना प्रधानमंत्री के जवाब के ही मंजूरी मिल गई. 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री के भाषण के बगैर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हुआ. आमतौर पर प्रधानमंत्री इस प्रस्ताव पर विस्तृत जवाब देते हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि इस बार विपक्षी दलों के हंगामे के कारण ऐसा नहीं हो पाया.
इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्ताव पर जवाब की उम्मीद थी, लेकिन विपक्षी दलों के सदस्यों के लगातार नारेबाजी और व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही ठीक ढंग से नहीं चल सकी. हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन स्थगित करना पड़ा, जिसके कारण प्रधानमंत्री अपना जवाब नहीं दे पाए.
जर्मनी में माया टी. के समर्थन में प्रदर्शन
हंगरी में जर्मन एंटी फासिस्ट एक्टिविस्ट माया टी. को सजा सुनाए जाने के विरोध में जर्मनी में प्रदर्शन हुए हैं. 25 साल की माया टी. को बुधवार को हंगरी की एक अदालत ने हिंसा का दोषी करार देते हुए आठ साल की जेल की सजा सुनाई. जज ने इसे धुर वामपंथियों का धुर दक्षिणपंथियों पर हमला करार दिया.
बुडापेस्ट की अदालत के इस निर्णय के बाद जर्मनी की राजधानी बर्लिन में करीब 550 लोगों ने प्रदर्शन किया. माया टी. के पक्ष में हैम्बर्ग, ड्रेस्डेन, लाइपजिग और पोट्सडाम में अच्छी खासी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे.
माया टी. को 2023 में बर्लिन में गिरफ्तार किया गया. जून 2024 में उन्हें हंगरी के हवाले कर दिया गया. जर्मन सरकार में शामिल एसडीपी और विपक्ष में बैठी ग्रीन पार्टी व लेफ्ट पार्टी के नेताओं ने माया टी. को वापस जर्मनी लाने की मांग की है. वहीं जर्मन सरकार का कहना है कि उसने माया टी. के प्रत्यर्पण की दरख्वास्त कर रखी है.
40 साल बाद इंसाफ, हत्या के मामले में 100 साल की उम्र में बरी
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगभग 100 साल के धनी राम को 1982 के हत्या मामले में बरी कर दिया है, अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा अपील दायर किए जाने के बाद बीते चार दशकों से अधिक समय, उनकी अत्यधिक आयु और इस दौरान झेले सामाजिक तनाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. बेंच ने माना कि दशकों तक मामले का लंबित रहना न्याय के स्वरूप को प्रभावित करता है.
पढ़ें रिपोर्ट: अंग्रेजों के जमाने जैसी ही है आज भी भारत के जेलों की हालत
यह मामला हमीरपुर जिले के 1982 में भूमि विवाद से जुड़े एक हत्याकांड का था, जिसमें तीन लोग मैसू, सत्ती दीन और धनी राम आरोपी थे. एक आरोपी मैसू फरार हो गया था, जबकि 1984 में सत्ती दीन और धनी राम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. बाद में अपील लंबित रहने के दौरान सत्ती दीन की मौत हो गई और धनी राम ही अकेले जीवित दोषी रह गए.
फ्रांस ने किया विदेशी नौसेनाओं के ताइवान मिशन का समर्थन
फ्रांस ने ताइवान की खाड़ी में विदेशी नौसेनाओं के मिशन को अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक बताया है. ताइवान में तैनात ऑफिस ऑफ फ्रांस के निदेशक फ्रांक पारी ने कहा, "हम नौसैनिक संपदा को बिना किसी भड़कावे के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सावधानीपूर्वक भेजते हैं."
फ्रांसीसी अधिकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र पूरी दुनिया के लिए खुला है और इंटरनेशनल लॉ के तहत वहां आवागमन की आजादी है.
जर्मन युद्धपोतों के ताइवान की खाड़ी पार करने पर भड़का चीन
चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग बताता है. ताइवान पर अधिकार के साथ ही बीजिंग, ताइवान की खाड़ी को भी अपने जलक्षेत्र के रूप में पेश करता है. ताइवान की खाड़ी रणनैतिक रूप से एक अहम जलमार्ग है.
चीन के इन दावों के उलट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के अधिकार का हवाला देते हुए अमेरिकी युद्धपोत हर कुछ महीनों में वहां चक्कर लगाते हैं. फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के नौसैनिक जहाज भी बीच बीच में वहां से गुजरते हैं.
चीन के संप्रभुता के दावे को नकारने वाली ताइवान सरकार, विदेशी नौसेनाओं की इस आवाजाही का स्वागत करती है. ताइवान का आरोप है कि चीन की नौसेना नियमित रूप से वहां रहते हुए, ताइपे पर दबाव बनाए रखने की कोशिश करती है.
दिल्ली: खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले दो गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार, 5 फरवरी को दो युवकों बलजिंदर और उसके साथी रोहित उर्फ किरत को राजधानी में दो स्थानों पर गणतत्रं दिवस से पहले लिखे गए खालिस्तान समर्थक नारों के मामले में गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों को कथित तौर पर सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीबी सहयोगी ने इस काम के लिए भर्ती किया था।. पुलिस ने दावा किया कि यह साजिश कनाडा में रची गई थी और नारों को लिखने के लिए आरोपियों को 2 लाख रुपये का लालच दिया गया था.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 23 जनवरी को एसएफजे के आतंकवादी पन्नू के खिलाफ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी में अशांति फैलाने की कथित धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी.
अमेरिका ने किया, दुर्लभ खनिज ट्रेड ब्लॉक स्थापित करने का एलान
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार, 4 फरवरी को वॉशिंगटन के साझेदार और सहयोगी देशों के साथ एक दुर्लभ खनिज व्यापार ब्लॉक स्थापित करने का एलान किया.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि 55 देशों के प्रतिनिधियों ने वॉशिंगटन में हुई इस बैठक में हिस्सा लिया. इनमें भारत, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, जापान, थाईलैंड, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और डीआर कॉन्गो जैसे देश शामिल थे.
दुनिया भर में फिलहाल दुर्लभ धातुओं और खनिजों की सप्लाई चेन करीबन पूरी तरह चीन के नियंत्रण में है. कई आम और संवेदनशील तकनीकों व मशीनों में इस्तेमाल होने वाले इन खनिजों की 90 फीसदी से ज्यादा प्रोसेसिंग बीजिंग करता है.
नाम लिए बिना, चीन की ओर इशारा करते हुए रुबियो ने कहा कि, ये खनिज फिलहाल, "बहुत ही ज्यादा एक देश के हाथ में" हैं. अमेरिका समेत कई देशों का आरोप है कि चीन, इस दबदबे का इस्तेमाल भूराजनैतिक हित साधने के लिए कर रहा है.
इस बैठक के दौरान अमेरिका और मेक्सिको के बीच एक द्विपक्षीय और यूरोप व जापान के साथ मिलकर एक त्रिपक्षीय समझौते की योजना का एलान भी किया गया. तांबे और लीथियम का निर्यात करने वाले अर्जेंटीना ने अमेरिकी पहल की तारीफ की है.
खत्म हुई अमेरिका-रूस की "न्यू स्टार्ट" संधि, बढ़ा परमाणु खतरा
दुनिया पर परमाणु हथियारों की नई होड़ का खतरा और बढ़ गया है, क्योंकि अमेरिका और रूस के बीच आखिरी परमाणु हथियार नियंत्रण समझौता "न्यू स्टार्ट" गुरुवार आधी रात को समाप्त हो गया.
यह संधि दोनों महाशक्तियों के रणनीतिक परमाणु हथियारों पर सीमा तय करती थी. इसके समाप्त होने के साथ ही अब दोनों देशों के हथियारों की संख्या पर कोई औपचारिक अंतरराष्ट्रीय सीमाबंधन नहीं रहेगा. संयुक्त राष्ट्र ने इसे वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बेहद चिंताजनक पल बताया है.
परमाणु ढाल तैयार करने पर यूरोप में तेज हुई बहस
रूस ने कहा है कि वह जिम्मेदार रुख अपनाएगा, लेकिन अगर उसकी सुरक्षा को खतरा हुआ तो "निर्णायक" कदम उठाने से नहीं हिचकेगा. वहीं अमेरिका ने संधि की समय-सीमा के बाद इसकी शर्तों का पालन जारी रखने के बारे में कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की.












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