Ayatollah Ali Khamenei Dies: अमेरिका के दावे के बीच ईरानी स्टेट मीडिया की पुष्टि, US-इज़रायल के हमले में ईरान के ‘सुप्रीम लीडर’ खामेनेई की मौत

ईरानी सरकारी मीडिया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई एक संयुक्त अमेरिकी-इजरायली सैन्य हमले में मारे गए हैं. इस घटना के बाद पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है.

Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei (Photo Credits: X/@khamenei_ir)

Ayatollah Ali Khamenei Dies: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक बड़े हवाई हमले में मौत हो गई है. ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह 86 वर्षीय खामेनेई के निधन की आधिकारिक घोषणा की. यह हमला तब हुआ जब अमेरिकी और इजरायली वायुसेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों और सरकारी परिसरों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान की पुष्टि करते हुए इसे ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस लेने का "सबसे बड़ा अवसर" बताया है. ट्रंप के अनुसार, यह "सटीक और भारी बमबारी" तब तक जारी रहेगी जब तक क्षेत्र में शांति का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाता. यह भी पढ़े:  US‑Israel Joint Attack on Iran: ईरान पर इजरायल-अमेरिका का एक साथ मिसाइल हमला, अटैक के बीच ट्रंप की चेतावनी, ‘हथियार छोड़ो, वरना मौत पक्की’

नेतृत्व का शून्य और बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

दशकों तक सत्ता के केंद्र में रहे खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान में एक बड़ा नेतृत्व संकट पैदा होने की संभावना है, क्योंकि उनका कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी घोषित नहीं था. इस हमले ने अमेरिकी हस्तक्षेप के एक नए और चौंकाने वाले अध्याय की शुरुआत कर दी है.

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि "तानाशाह अब जीवित नहीं है." उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमला ईरान के परमाणु और सैन्य खतरों को रोकने के लिए "जरूरी" था.

ईरान का पलटवार और नागरिक हताहत

हमले के जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. ईरानी राजदूत अमीर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दावा किया कि इस हमले में सैकड़ों नागरिक मारे गए हैं या घायल हुए हैं. उन्होंने इसे "युद्ध अपराध" करार दिया है.

वहीं, इजरायल में भी एक महिला की मौत की खबर है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं. दुबई और कुवैत जैसे पड़ोसी देशों के हवाई अड्डों पर भी ईरानी मिसाइलों के गिरने की खबरें आई हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया है.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक हलचल

सैन्य अभियान 'एपिक फ्यूरी'

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस ऑपरेशन को "एपिक फ्यूरी" (Epic Fury) नाम दिया है. यह पिछले कई दशकों में अमेरिकी सैन्य शक्ति का सबसे बड़ा क्षेत्रीय जमावड़ा है. सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांड सेंटर, वायु रक्षा प्रणाली और मिसाइल लॉन्च साइट्स को नष्ट कर दिया गया है. इजरायल का दावा है कि हमले में ईरान के रक्षा मंत्री और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर भी मारे गए हैं.

फिलहाल, इजरायल ने अपनी सभी सीमाएं और धार्मिक स्थल सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए हैं. दुनिया भर की नजरें अब ईरान के अगले कदम और वहां होने वाले सत्ता परिवर्तन पर टिकी हैं.

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