Alaska Airlines Fire Incident: हवा में पावर बैंक फटने से अलास्का एयरलाइंस के विमान में लगी आग, यात्री के घायल पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी

अलास्का एयरलाइंस के विमान में पावर बैंक के फटने से एक यात्री घायल हो गया और विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इस घटना के बाद विमानन नियामकों ने उड़ानों के दौरान चार्जिंग और पावर बैंक के उपयोग पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं.

Alaska Airlines t (Photo- @AlaskaAir/X)

Alaska Airlines Fire Incident:  अलास्का एयरलाइंस की एक उड़ान के दौरान विमान के भीतर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक यात्री का पावर बैंक अचानक आग के गोले में बदल गया. 22 फरवरी 2026 को हुई इस घटना में यात्री के हाथ और पैर झुलस गए, जिसके बाद विमान को विचिटा के ड्वाइट डी. आइजनहावर नेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इस हादसे ने विमानों में लिथियम-आयन बैटरी के उपयोग को लेकर सुरक्षा चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है.

20 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ हादसा

होरिजोन एयर (अलास्का एयरलाइंस का क्षेत्रीय वाहक) की उड़ान संख्या 2117 विचिटा से सिएटल के लिए रवाना हुई थी. उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद, जब विमान 20,000 फीट की ऊंचाई पर था, तब एक यात्री की गोद में रखा पावर बैंक और मोबाइल फोन अचानक जलने लगा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें लगभग एक फुट ऊंची थीं. केबिन क्रू ने तुरंत अग्निशामक यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाया और डिवाइस को एक विशेष 'कंटेनमेंट बैग' (Containment Bag) में सुरक्षित कर दिया. यह भी पढ़े: Pawan Hans Helicopter Crash: अंडमान में पवन हंस हेलीकॉप्टर की समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी 7 लोग सुरक्षित बचाए गए, मायाबंदर के पास हुआ हादसा

यात्रियों की सुरक्षा और इलाज

विमान के सुरक्षित लैंड होने के बाद, पीड़ित यात्री को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. विमान में सवार अन्य 76 यात्रियों को सिएटल के लिए दूसरी फ्लाइट से भेजा गया. धुएं के कारण कुछ यात्रियों ने सांस लेने में तकलीफ और मतली की शिकायत भी की, क्योंकि लिथियम-आयन बैटरी से निकलने वाला धुआं काफी जहरीला होता है.

भारत समेत दुनिया भर में सख्त हुए नियम

इस तरह की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारत के विमानन नियामक DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने नवंबर 2025 में ही एक कड़ा परामर्श जारी किया था. नए नियमों के अनुसार:

वैश्विक स्तर पर प्रतिबंध

अलास्का एयरलाइंस के इस हादसे के बाद जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी कई वैश्विक कंपनियों ने भी इन-फ्लाइट चार्जिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरी में 'थर्मल रनवे' (Thermal Runaway) की स्थिति बन सकती है, जहां बैटरी का आंतरिक तापमान तेजी से बढ़ता है और वह फट सकती है.

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