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अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा ईरान ओर रवाना

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने विमानवाही युद्धपोत समेत बड़ा सैन्य बेड़ा ईरान के लिए भेज दिया है.

अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा ईरान ओर रवाना
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने विमानवाही युद्धपोत समेत बड़ा सैन्य बेड़ा ईरान के लिए भेज दिया है. ब्रिटेन ने भी वहां कतर के साथ अपने लड़ाकू विमानों का दस्ता तैनात कर दिया है.गुरुवार को दावोस से वापस अमेरिका लौटते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने एयरफोर्स वन विमान में अमेरिकी सेना के ताजा मूवमेंट का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना का बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है.

इसके बाद गोपनीयता की शर्त पर अमेरिकी नौसेना के एक अधिकारी ने भी समाचार एजेंसी एपी से कहा, यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाही युद्धपोत अपने बेड़े के साथ हिंद महासागर में पहुंच चुका है. उसके साथ कई और युद्धपोत भी हैं.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कतर के साथ उसके यूरोफाइटर टायफून लड़ाकू विमानों के दस्ते, "स्थानीय तनाव को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से (फारस) खाड़ी में तैनात कर दिए गए हैं. "

तनाव के बीच इस्राएल को ईरान की चेतावनी

शुक्रवार को ईरान ने अपने अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के सम्मान में "द डे ऑफ द गार्डियन" मनाया. इस सैन्य आयोजन के दौरान ईरान ने हमले के लिए तैयार ड्रोन और शाहिद मिसाइलें दिखाईं. टेलिविजन पर प्रसारित किए गए आयोजन के दौरान सर्जिकल मास्क और सनग्लासेस पहने एक शख्स ने हिब्रू भाषा में इस्राएल को चेतावनी देते हुए कहा, "हम सोच से भी ज्यादा तुम्हारे करीब हैं."

जून 2025 में 12 दिन के इस्राएल-ईरान युद्ध और फिर ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की बमबारी के बाद, अब फिर से मध्य पूर्व में हालात बेहद नाजुक हैं.

ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों के बाद तनाव

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातोल्लाह अली खमेनेई के आदेश पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ही हाल के सरकार विरोधी प्रदर्शनों को बर्बरता से कुचला. अमेरिका स्थित मानवाधिकार एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी का आरोप है कि देशव्यापी दमन में कम से कम 5002 लोग मारे जा चुके हैं. इनमें 4,716 प्रदर्शनकारी हैं और 203 सरकार से जुड़े लोग. देश भर में दो हफ्ते से भी ज्यादा समय से इंटरनेट बंद है. आशंकाएं हैं कि मृतकों की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है. मानवाधिकार एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी का दावा है कि ईरान में अब भी 26,800 से ज्यादा लोगों को हिरासत में रखा गया है.

ईरान की सरकार ने बुधवार को पहली बार दंगों में मारे गए लोगों के बारे में जानकारी दी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 28 दिसंबर 2025 को शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद से अब तक 3,117 लोग मारे जा चुके हैं. इनमें प्रदर्शनकारियों के साथ सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. ईरान ने 8 जनवरी से इंटरनेट बंद कर रखा है. इस वजह से भी स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से मृतकों की संख्या का सही पता नहीं लग पा रहा है.

इस बीच शुक्रवार को ईरान के उच्च अधिकारियों ट्रंप के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि उनके दखल से ईरान ने 800 लोगों को मारने का फैसला रद्द कर दिया. ईरान सरकार का आरोप है कि उनके देश में ये उग्र प्रदर्शन दुश्मनों के इशारे पर हो रहे हैं. 8 और 9 जनवरी को ईरान के कई बड़े शहरों में हुए प्रदर्शनों के चंद दिन बाद ही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि ईरान के दुश्मनों ने "आतंकियों को भीतर पहुंचा दिया है, जो मस्जिदों में आग लगाते हैं, बैंकों और सार्वजनिक संपत्तियों पर हमला करते हैं."

वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ईरान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई ने उनका जीना मुहाल कर दिया है और इसीलिए वे सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं. प्रदर्शनों से पहले ही अगस्त 2025 में ईरान में एक रोटी का दाम 40 से 50 फीसदी बढ़ चुका था. यह बात खुद सरकारी आंकड़ों में कही गई थी.

ईरान पर हमले की बढ़ती संभावनाएं

डॉनल्ड ट्रंप, पहले ही ईरान को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और बड़े पैमाने पर मृत्युदंड न देने चेतावनी दे चुके हैं. इन चेतावनियों के बाद ही ईरान में हजारों लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं. विश्लेषकों का कहना है कि ईरान के आस पास पहुंच रहा अमेरिकी सैन्य बेड़ा, राष्ट्रपति ट्रंप को तेहरान पर हमला करने की संभावनाएं दे रहा है. ट्रंप अब तक तेहरान को चेतावनी ही देते आ रहे हैं और तेहरान पर इसका बहुत असर नहीं दिखाई दिया है.

तेल बाजारों के लिए कितना मायने रखता है ईरान का भविष्य?

न्यूयॉर्क स्थित थिंकटैंक सौफान सेंटर के एक समीक्षक कहते हैं, "लगने लगा था कि राष्ट्रपति ट्रंप पैर पीछे खींच रहे हैं, लेकिन स्थानीय नेता और जानकार, उन पर दबाव डाल रहे हैं कि हवाई हमले ईरानी सत्ता को बर्बाद करने के लिए काफी होंगे. इलाके में बढ़ती सैन्य गतिविधियां इशारा कर रही हैं कि एक तेज धारदार कार्रवाई हो सकती है."

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 23, 2026 08:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).