Social Media: फेसबुक का दुरुपयोग करने वालों की खैर नहीं, गलत काम पर होगी कार्रवाई
कंपनी ने एक बयान में कहा, "अगर हमें फेसबुक डेटा वाले स्क्रैप किए गए डेटासेट मिलते हैं, तो उन्हें हटाने या उनके लिए जिम्मेदार लोगों के पीछे जाने का कोई निश्चित विकल्प नहीं है, लेकिन हम कई कार्रवाई कर सकते हैं." हाल के एक मामले में, फेसबुक सफलतापूर्वक एक सेवा के ऑपरेटर के साथ समझौता कर चुका है, जिसने उसकी शर्तों का उल्लंघन किया है इसका नाम 'मासरूट 8' था.
नई दिल्ली: फेसबुक (Facebook) ने पिछले एक साल में अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ 300 से अधिक प्रवर्तन कार्रवाई की है. इसके तहत, संघर्ष विराम पत्र भेजना, खातों को असमर्थ करना, मुकदमा दायर करना या होस्टिंग (Hosting) प्रदाताओं से उन्हें हटाने के लिए सहायता का अनुरोध करना शामिल है. कंपनी ने कहा कि उसने डेटा स्क्रैपिंग (Data Scraping) पर कड़ा रुख अपनाया है. स्क्रैपिंग किसी वेबसाइट या ऐप से डेटा का स्वचालित संग्रह है. COVID-19 संक्रमित डॉक्टर मनीषा जाधव ने फेसबुक पर लिखा- शायद ये मेरा आखिरी गुड मॉर्निंग हो, फिर कुछ घंटों बाद दुनिया को कहा अलविदा
कंपनी ने एक बयान में कहा, "अगर हमें फेसबुक डेटा वाले स्क्रैप किए गए डेटासेट मिलते हैं, तो उन्हें हटाने या उनके लिए जिम्मेदार लोगों के पीछे जाने का कोई निश्चित विकल्प नहीं है, लेकिन हम कई कार्रवाई कर सकते हैं." हाल के एक मामले में, फेसबुक सफलतापूर्वक एक सेवा के ऑपरेटर के साथ समझौता कर चुका है, जिसने उसकी शर्तों का उल्लंघन किया है इसका नाम 'मासरूट 8' था.
कंपनी ने एक बयान में कहा, "सेवा को बंद करने के साथ ही हमने फेसबुक या इंस्टाग्राम से ऑपरेटर और उसकी ओर से काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया." फेसबुक ने कहा कि उसने एक बाहरी डेटा दुरुपयोग टीम बनाई है जिसमें स्क्रैपिंग से जुड़े व्यवहार के पैटर्न का पता लगाने, जांच करने और अवरुद्ध करने के लिए समर्पित 100 से ज्यादा लोग शामिल हैं.
कंपनी ने कहा "हम फेसबुक उपयोगकर्ता डेटा वाले सार्वजनिक रूप से सुलभ डेटासेट को खोजने और सुरक्षित करने के लिए शोधकतार्ओं के साथ काम करते हैं - चाहे डेटा फेसबुक या फेसबुक ऐप डेवलपर से उत्पन्न हुआ लगता है. ये डेटासेट कई होस्टिंग प्रदाताओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पाए जाते हैं."
एक विशेष स्क्रैपिंग तकनीक जिसका मुकाबला करने के लिए फेसबुक ने कड़ी मेहनत की है, उसे 'फोन नंबर एन्यूमरेशन' के रूप में जाना जाता है. इसमें लोगों के फोन नंबरों के आधार पर उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर स्वचालित टूल का उपयोग करना शामिल है.
स्क्रैपिंग कंपनियों और उद्योगों की एक विस्तृत विविधता को प्रभावित करता है. फेसबुक, लिंक्डइन और क्लबहाउस जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से परे, डेटा स्क्रैपर्स ने घरेलू फिटनेस उपकरण कंपनियों जैसे इकोलोन और स्ट्रावा जैसे स्वास्थ्य ऐप के साथ-साथ बैंकों, ई-कॉमर्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे उद्योगों से व्यक्तिगत जानकारी इक्ठ्ठा की है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 24, 2021 01:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

