8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग ने बढ़ाई सुझाव जमा करने की समय सीमा; कर्मचारियों ने की पुरानी पेंशन बहाली और भत्तों में भारी बढ़ोतरी की मांग
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 1 मई: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (The 8th Central Pay Commission) ने देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनभोगियों (Pensioners) के वेतन व सेवा शर्तों की समीक्षा की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. नई दिल्ली में 28 अप्रैल को हुई पहली आधिकारिक बैठक के साथ ही परामर्श प्रक्रिया का आगाज हो गया है. आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विभिन्न हितधारकों और कर्मचारी यूनियनों के लिए सुझाव जमा करने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मई, 2026 कर दिया है. यह विस्तार तकनीकी दिक्कतों और अधिक समय की मांग को देखते हुए दिया गया है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission Update: 31 मई तक बढ़ी डेडलाइन, सैलरी बढ़ोतरी और OPS बहाली की मांगों ने पकड़ी रफ्तार

वेतन और पदोन्नति में बड़े सुधारों का प्रस्ताव

नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ पक्ष ने आयोग के समक्ष अपनी मांगों का एक विस्तृत चार्टर पेश किया है. इसमें ACP/MACP ढांचे के तहत 30 साल की सेवा अवधि के दौरान पांच समय-बद्ध पदोन्नति (Promotions) का प्रस्ताव दिया गया है. कर्मचारियों ने मांग की है कि पदोन्नति के समय दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि (Increments) दी जाएं और वेतन निर्धारण की प्रक्रिया में सुधार किया जाए.

भत्तों में तीन गुना वृद्धि और नई छुट्टियां

कर्मचारियों की ओर से भत्तों को लेकर भी बड़ी मांगें रखी गई हैं:

  • भत्ते: हाउस रेंट अलाउंस (HRA), बच्चों का शिक्षा भत्ता और रिस्क अलाउंस जैसे भत्तों में तीन गुना बढ़ोतरी की मांग की गई है। साथ ही, इन्हें महंगाई भत्ते (DA) के साथ जोड़ने का प्रस्ताव है.
  • छुट्टियां: 'अर्न्ड लीव' (EL) के नकदीकरण की सीमा को 300 से बढ़ाकर 600 दिन करने का सुझाव दिया गया है. इसके अलावा, चाइल्डकेयर, पितृत्व, मासिक धर्म (Menstrual), और विकलांगता से संबंधित विशेष छुट्टियों का प्रावधान करने की भी मांग की गई है.
  • अग्रिम राशि: त्योहार और प्राकृतिक आपदा के समय मिलने वाले वित्तीय अग्रिमों (Advances) को फिर से शुरू करने और वाहन अग्रिम की शुरुआत करने का आग्रह किया गया है.

पेंशन पर घमासान: OPS की वापसी की मांग

पेंशन का मुद्दा इस बार भी सबसे ऊपर है. कर्मचारी संगठनों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को पूरी तरह से खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग की है. इसके अतिरिक्त, नागरिक कर्मचारियों के लिए भी 'वन रैंक वन पेंशन' (OROP) के सिद्धांत लागू करने और हर पांच साल में पेंशन संशोधन करने का प्रस्ताव दिया गया है. यह भी पढ़ें: 8वां वेतन आयोग: क्या 72,000 रुपये होगी न्यूनतम बेसिक सैलरी? वेतन वृद्धि पर ताजा अपडेट

पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया

आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी सुझाव और मेमोरेंडम केवल आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. किसी भी तरह की हार्ड कॉपी या ईमेल के जरिए भेजे गए इनपुट्स पर विचार नहीं किया जाएगा। डिजिटल प्रक्रिया सुनिश्चित करने का उद्देश्य पारदर्शिता और तेजी लाना है.

31 मई तक सुझाव प्राप्त करने के बाद, आयोग विभिन्न विभागों का दौरा करेगा और अंतिम सिफारिशें तैयार करने से पहले अन्य हितधारकों के साथ बैठकों का दौर जारी रखेगा.