Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, दिल्ली से मुंबई-बेंगलुरु तक भारत में कब दिखेगा 'ब्लड मून'? जानें टाइमिंग

साल 2026 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) 3 मार्च को लगने जा रहा है. भारत के अधिकांश हिस्सों में यह 'ग्रस्तोदय' रूप में दिखाई देगा, जहां चंद्रमा पहले से ही ग्रहण की अवस्था में उदय होगा. जानें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में 'ब्लड मून' देखने का सही समय और सावधानी.

(Photo Credits File)

Chandra Grahan 2026: खगोल प्रेमियों के लिए 3 मार्च 2026 की शाम बेहद खास होने वाली है. इस दिन साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिसे 'ब्लड मून' (Blood Moon) भी कहा जाता है. भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में यह पूर्ण रूप में दिखाई देगा, जबकि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में आंशिक (Partial) रूप में देखा जा सकेगा. खास बात यह है कि इस बार चंद्र ग्रहण होली के त्यौहार के साथ पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक और खगोलीय महत्व और बढ़ गया है.

क्या होता है 'ब्लड मून' और 'ग्रस्तोदय' ग्रहण?

जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है. पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा पूरी तरह काला होने के बजाय गहरा लाल या तांबे जैसा दिखने लगता है, जिसे 'ब्लड मून' कहते हैं. भारत में इस बार 'ग्रस्तोदय' चंद्र ग्रहण होगा, जिसका अर्थ है कि जब चंद्रमा उदय होगा, तब उस पर पहले से ही ग्रहण लगा होगा.  यह भी पढ़े:  Holi Grahan 2026: होली और चंद्र ग्रहण की दुर्लभ ‘हैट्रिक’, 2026 में लगातार तीसरे साल होली पर ग्रहण का साया, जानें भारत पर क्या होगा असर

भारत में ग्रहण का समय और शहरवार लिस्ट

भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार, ग्रहण की मुख्य प्रक्रिया दोपहर 3:20 बजे शुरू हो जाएगी, लेकिन भारत में यह शाम को चंद्रोदय के साथ ही दिखाई देगा.

शहर चंद्रोदय का समय (दिखने का समय) ग्रहण की समाप्ति
दिल्ली शाम 6:22 बजे शाम 6:47 बजे
मुंबई शाम 6:30 बजे शाम 6:47 बजे
कोलकाता शाम 5:39 बजे शाम 6:47 बजे
बेंगलुरु शाम 6:28 बजे शाम 6:47 बजे
गुवाहाटी शाम 5:24 बजे शाम 6:47 बजे
चेन्नई शाम 6:17 बजे शाम 6:47 बजे

नोट: पूर्वोत्तर भारत (गुवाहाटी, ईटानगर) में पूर्णता (Totality) की स्थिति देखी जा सकेगी, जबकि अन्य शहरों में केवल समाप्ति का चरण दिखेगा.

सूतक काल और होली पर प्रभाव

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है. भारत में ग्रहण दिखने के कारण सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रभावी होगा. इस वजह से होली के त्यौहार और होलिका दहन के समय को लेकर विद्वानों ने सलाह दी है कि पूजा और अग्नि अनुष्ठान ग्रहण समाप्त होने के बाद (शाम 6:47 बजे के बाद) करना शुभ होगा.

कैसे देखें चंद्र ग्रहण?

सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती है. आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं. बेहतर अनुभव के लिए:

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