कोरोना वायरस को सूंघ सकते हैं कुत्ते, जर्मन अध्ययन में खुलासा- प्रशिक्षण के बाद गंध से कोविड-19 मरीज की पहचान करने में सक्षम
कुत्ते कोरोना वायरस को सूंघ सकते हैं. दरअसल, एक नए अध्ययन ने कुत्तों और कोरोना वायरस के संबंध में एक दिलचस्प खोज की है. एक जर्मन पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय ने पाया कि कुछ दिनों के प्रशिक्षण के साथ कुत्ते कोविड-19 से संक्रमित लोगों की पहचान कर सकते हैं.
Dogs can sniff out Coronavirus: क्या कुत्ते (Dogs) कोरोना वायरस (Coronavirus) को सूंघ सकते हैं? हां, अगर उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण (Training) दिया जाए. पालतू जानवरों (Pet Animals) और कोरोना वायरस को लेकर कई सारे शोध किए गए हैं. कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के शुरुआती महीनों में इस बात को लेकर संदेह जताया जा रहा था कि कोरोना वायरस से कुत्ते संक्रमित हो सकते हैं और अपने मालिकों में घातक संक्रमण फैला सकते हैं, लेकिन उस संभावना को बाद में खारिज कर दिया गया था. अब एक नए अध्ययन ने कुत्तों और कोरोना वायरस के संबंध में एक दिलचस्प खोज की है. एक जर्मन पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय (A German Veterinary University) ने पाया कि कुछ दिनों के प्रशिक्षण की मदद से कुत्ते कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमित लोगों की पहचान कर सकते हैं.
शोधकर्ताओं के एक दल ने जर्मन सशस्त्र बल (German armed forced) के आठ कुत्तों को लगभग पांच दिनों के लिए प्रशिक्षित किया और कुत्तों ने बड़ी सफलता के साथ काम किया. इन कुत्तों को एक हजार से अधिक लोगों की लार सूंघने के लिए दिया गया, लार के सैंपल स्वस्थ और संक्रमित दोनों तरह के लोगों से लिया गया था. कोरोना वायरस की पहचान करने में कुत्ते 94 फीसदी तक सफल रहे. ब्रिटेन सरकार ने मई में इसी तरह के ट्रेल्स लॉन्च किए थे, ताकि यह देखा जा सके कि कुत्ते संक्रमण को रोक सकते हैं या नहीं. अध्ययन में शामिल प्रोफेसरों ने अध्ययन में अपने निष्कर्षों के एक वीडियो अपलोड किया है. यह भी पढ़ें: N95 Mask को लेकर पैदा हुई भ्रम की स्थिति, फिल्टर लगे एन95 मास्क प्रदूषण से बचा सकते हैं कोरोना संक्रमण से नहीं, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
कुत्तों को गंध की एक शक्तिशाली भावना के लिए जाना जाता है, उनके सूंघने की क्षमता मनुष्यों की तुलना में एक हजार गुना अधिक है, इसलिए उनकी इस क्षमता का चिकित्सा क्षेत्र में महत्व और अधिक बढ़ जाता है. प्रोफेसर डॉ. होल्गर वोल्क कहते हैं कि हम सभी जानते हैं कि लंबे समय से कुत्तों का उपयोग जीवन के बहुत सारे क्षेत्रों में किया जा रहा है और चिकित्सा क्षेत्र में भी वो मददगार साबित हो सकते हैं. उन्होंने उन तमाम संभावित संभावनाओं पर जोर दिया, जिनसे गैर-रोगग्रस्त रोगियों से रोग का पता लगाया जा सकता था. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक पायलट अध्ययन है, इस दिशा में और अधिक गहन शोध किए जाने की आवश्यकता है.
अगर यह एक बड़ी सफलता है तो इससे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्रों जैसे हवाई अड्डों और सीमाओं में संभावित संक्रमित रोगियों की पहचान करने में मदद कर सकता है. शोधकर्ताओं के अनुसार, उनका अगला कदम कुत्तों को कोरोना वायरस और अन्य बीमारियों जैसे इन्फ्लूएंजा के बीच अंतर को पहचानने के लिए प्रशिक्षित करना होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2020 12:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

