Google Cosmo AI App: टेक दिग्गज ने Android के लिए लॉन्च किया एक्सपेरिमेंटल डिजिटल असिस्टेंट टूल, Google I/O 2026 से पहले बड़ी पेशकश

Google Cosmo AI App:  गूगल ने अपने रिसर्च डिवीजन के माध्यम से 'COSMO' (कॉस्मो) नामक एक नया प्रयोगात्मक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एप्लिकेशन लॉन्च किया है. विशेष रूप से एंड्रॉइड डिवाइसों के लिए डिज़ाइन किया गया यह ऐप वर्तमान में गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. इस टूल का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ताओं की दैनिक डिजिटल जिम्मेदारियों और कार्यों को सरल बनाना है.

रूटीन कार्यों का ऑटोमेशन और ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग

Google Cosmo AI ऐप मुख्य रूप से शेड्यूल मैनेजमेंट, दस्तावेज़ ड्राफ्ट करने और जटिल जानकारी खोजने जैसे कार्यों को ऑटोमेट करने पर केंद्रित है. इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता इसका 1.13 बिलियन बाइट्स (लगभग 1.1 GB) का फ़ाइल साइज़ है.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बड़ा साइज़ इसमें शामिल 'जेमिनी नैनो' (Gemini Nano) मॉडल के कारण है. यह मॉडल इंटरनेट के बिना भी डिवाइस पर ही डेटा प्रोसेस करने की क्षमता रखता है, जिससे प्राइवेसी और स्पीड दोनों में सुधार होता है.

प्रमुख फीचर्स और कार्यक्षमता

चूंकि यह एक प्रयोगात्मक प्रोजेक्ट है, इसलिए इसका इंटरफ़ेस वर्तमान में काफी बेसिक रखा गया है. इंस्टॉलेशन के बाद, ऐप सिस्टम से विभिन्न अनुमतियां (Permissions) मांगता है ताकि इसकी मुख्य 'स्किल्स' सक्रिय हो सकें. इसमें शामिल प्रमुख फीचर्स निम्नलिखित हैं:

  • लिस्ट ट्रैकर: आपके कामों और सूचियों का प्रबंधन.

  • डॉक्यूमेंट राइटर: ईमेल्स और रिपोर्ट्स लिखने में सहायता.

  • कैलेंडर इवेंट सजेस्टर: मीटिंग्स और इवेंट्स को शेड्यूल करना.

  • डीप रिसर्च और क्विक फोटो लुकअप: वेब और गैलरी से सटीक जानकारी खोजना.

  • ब्राउज़र एजेंट: वेब ब्राउज़िंग के दौरान सहायता प्रदान करना.

कस्टमाइजेशन और ऑपरेशनल मोड्स

कॉस्मो ऐप में उपयोगकर्ताओं को तीन अलग-अलग ऑपरेशनल मोड मिलते हैं: हाइब्रिड (Hybrid), PI Only और नैनो ओनली (Nano Only). जहां 'नैनो' मोड ऑन-डिवाइस मॉडल को दर्शाता है, वहीं गूगल ने अभी तक 'PI' के अर्थ को स्पष्ट नहीं किया है. इसके अलावा, सेटिंग्स में वॉइस मैच और स्क्रीन एक्सेस को कॉन्फ़िगर करने के विकल्प भी दिए गए हैं.

भविष्य के एंड्रॉइड इकोसिस्टम का आधार

टेक विश्लेषकों का मानना है कि इस ऐप को मुख्य रूप से एक 'टेस्ट बेड' के रूप में लॉन्च किया गया है. गूगल इसके जरिए उन फीचर्स का परीक्षण कर रहा है, जिन्हें भविष्य में पूरे एंड्रॉइड इकोसिस्टम का स्थायी हिस्सा बनाया जा सकता है.

यह लॉन्च इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस महीने के अंत में गूगल की बड़ी वार्षिक कॉन्फ्रेंस 'Google I/O 2026' होने वाली है. माना जा रहा है कि प्ले स्टोर पर इसकी मौजूदगी एक अर्ली रिलीज हो सकती है ताकि बड़े स्तर पर एआई अपडेट्स की घोषणा से पहले इसके प्रदर्शन का डेटा जुटाया जा सके. वर्तमान में, यह ऐप मौजूदा गूगल असिस्टेंट का रिप्लेसमेंट नहीं, बल्कि एक रिसर्च प्रोजेक्ट है.