बेंगलुरु के अपोलो अस्पताल में शर्मनाक वारदात: गर्भवती महिला का वॉशरुम में छिपकर बनाया वीडियो, आरोपी गिरफ्तार, अस्पताल प्रबंधन पर भी केस दर्ज
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

बेंगलुरु, 25 मई: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल (Private Hospital) से सुरक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद आपत्तिजनक घटना सामने आई है. सरजापुर मेन रोड पर स्थित अपोलो बीजीएस अस्पताल (Apollo BGS Hospitals) के वॉशरुम के अंदर एक गर्भवती महिला (Pregnant Woman) का उसकी सहमति के बिना गुप्त रूप से वीडियो बनाने और तस्वीरें खींचने का मामला प्रकाश में आया है. घटना पिछले सप्ताह 21 मई की है, जब रूटीन चेक-अप के लिए आई महिला ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी की इस करतूत को पकड़ लिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अस्पताल परिसर में सुरक्षात्मक चूक (Security Lapses) को लेकर प्रबंधन के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कस दिया है. यह भी पढ़ें: Jaipur Shocker: गर्भवती महिला से दिनदहाड़े छेड़छाड़, लापरवाही बरतने पर एएसआई और हेड कांस्टेबल सस्पेंड (Watch Video)

खिड़की के गैप से मोबाइल छिपाकर बना रहा था वीडियो

वर्थुर थाना पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कृष्णा परागी के रूप में हुई है. जांच में सामने आया है कि आरोपी अस्पताल के महिला वॉशरुम क्षेत्र के पास घात लगाकर छिपा हुआ था. जब पीड़ित गर्भवती महिलाRestroom के भीतर गई, तो आरोपी ने खिड़की के एक छोटे से गैप (खांचे) का फायदा उठाते हुए अपने मोबाइल फोन के कैमरे से उसकी गुप्त तस्वीरें खींचनी और वीडियो बनाना शुरू कर दिया.

महिला को जैसे ही अपने आसपास किसी अज्ञात हलचल और कैमरे के फ्लैश या क्लिक होने का आभास हुआ, उसने तुरंत शोर मचा दिया और बाहर आकर अस्पताल प्रशासन को सतर्क किया.

पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर से मिले कई महिलाओं के गुप्त वीडियो

महिला द्वारा शोर मचाए जाने के बाद अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों ने घेराबंदी करके आरोपी कृष्णा परागी को मौके पर ही दबोच लिया. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जब आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी प्रारंभिक जांच की, तो एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ.

आरोपी के फोन में एक गुप्त, पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला, जिसके भीतर कई अन्य महिलाओं के भी आपत्तिजनक और गुप्त रूप से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और तस्वीरें सहेज कर रखी गई थीं. पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी पिछले काफी समय से अस्पताल परिसर के भीतर इस तरह की घिनौनी वारदातों को अंजाम दे रहा था. फोन को विस्तृत डेटा रिकवरी और फोरेंसिक जांच (Forensic Examination) के लिए भेज दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन वीडियो को इंटरनेट या किसी अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित तो नहीं किया गया था.

अस्पताल प्रबंधन पर भी लापरवाही और सुरक्षा चूक का मुकदमा दर्ज

इस घटना के बाद पीड़ित गर्भवती महिला गहरे मानसिक सदमे और तनाव (Mental Distress) में है. उसने वर्थुर पुलिस स्टेशन में अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न केवल मुख्य आरोपी कृष्णा परागी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की वोयूरिज्म (Voyeurism - छिपकर वीडियो बनाना) की प्रासंगिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया, बल्कि अस्पताल प्रबंधन को भी सह-आरोपी बनाया है.

अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मरीजों की सुरक्षा में घोर लापरवाही बरतने, संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात न करने और तकनीकी खामियों को नजरअंदाज करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. इस घटना ने बेंगलुरु के निजी चिकित्सा संस्थानों में प्राइवेसी और सर्विलांस व्यवस्था को लेकर जनता के बीच एक नई बहस और गहरी चिंता पैदा कर दी है.