AI की तेज रफ्तार पर अमेजन कर्मचारियों की नाराजगी, CEO को लिखा खुला खत
अमेज़न वेब सर्विसेज यानी AWS पर भी सवाल उठे हैं. कर्मचारियों का दावा है कि AWS तेल कंपनियों को ज्यादा तेल और गैस निकालने में मदद करता है, जिसकी वजह से कार्बन उत्सर्जन और बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि यह अमेज़न के पर्यावरण वादों के बिलकुल उलट है.
अमेज़न में काम करने वाले हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने CEO एंडी जेसी को एक खुला पत्र लिखकर कंपनी से अपील की है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अपनी तेजी कम करे. कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी सिर्फ मुनाफे और तकनीकी बढ़त के लिए AI को बहुत तेज गति से आगे बढ़ा रही है, जबकि इसके संभावित खतरे और असर पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है.
यह खतरा लोकतंत्र, रोजगार और पर्यावरण तीनों के लिए बड़ा बताया गया है. यह भी पढें: ऐपल पर 3.20 लाख करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगा सकता है भारत, जानें किस नियम से घबराकर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची अमेरिकी कंपनी
पर्यावरण पर बोझ बढ़ने का भी आरोप
खुले पत्र में कर्मचारियों ने लिखा कि अमेज़न भले ही 2040 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का दावा करता है, लेकिन 2019 के बाद से कंपनी का कार्बन फुटप्रिंट 35% बढ़ चुका है. वे कहते हैं कि कंपनी 150 बिलियन डॉलर AI डेटा सेंटर बनाने पर खर्च कर रही है, जिनमें से कई सूखे से जूझ रहे इलाकों में बनेंगे. ऐसे केंद्र भारी मात्रा में पानी और ऊर्जा खपत करेंगे, जिससे पुराने कोयला और गैस प्लांट चलते रहेंगे.
तेल कंपनियों के साथ साझेदारी पर भी सवाल
अमेज़न वेब सर्विसेज यानी AWS पर भी सवाल उठे हैं. कर्मचारियों का दावा है कि AWS तेल कंपनियों को ज्यादा तेल और गैस निकालने में मदद करता है, जिसकी वजह से कार्बन उत्सर्जन और बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि यह अमेज़न के पर्यावरण वादों के बिलकुल उलट है.
AI से नौकरियां घटने का डर
कर्मचारियों ने पत्र में कहा कि CEO AI एजेंट्स और नए तरह के AI टूल्स को कंपनी में तेजी से लागू करना चाहते हैं, जिससे कई नौकरियों पर खतरा है. वे बताते हैं कि कंपनी कहती है कि बचने वाली नौकरियां "मज़ेदार" होंगी, जबकि हकीकत में काम का बोझ बढ़ रहा है, समयसीमा घट रही है और कर्मचारियों को ऐसे टास्क दिए जा रहे हैं जो सिर्फ AI लागू करने के लिए मजबूरी में पूरे करने पड़ते हैं.
क्या चाहते हैं कर्मचारी?
कर्मचारियों ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं—
गंदी ऊर्जा पर आधारित AI नहीं बनेगा.
AI सिस्टम बनाते समय कर्मचारियों की राय को महत्व दिया जाए.
ऐसा AI न बने जिसका इस्तेमाल हिंसा, निगरानी या बड़े पैमाने पर निर्वासन के लिए किया जाए.
इसके अलावा वे चाहते हैं कि डेटा सेंटर 100% नवीकरणीय ऊर्जा पर चलें, AI टूल्स का इस्तेमाल तेल और गैस कंपनियों के लिए न हो और कंपनी में ईथिकल AI वर्किंग ग्रुप बनाए जाएं.
अब तक 1,039 अमेज़न कर्मचारी इस पत्र पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, जबकि अन्य कंपनियों के 2,400 से ज्यादा लोग भी समर्थन में आगे आए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 29, 2025 07:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

