Lovlina Borgohain ने CWG खेल शुरू होने से पहले ही लगाया हैरेसमेंट का आरोप, समर्थन में प्रियंका गांधी बोलीं, 'उम्मीद है सरकार शिकायत पर गौर करेगी'
लवलीना बोरगोहेन व प्रियंका गांधी (Photo Credits FB/Instagram)

CWG 2022: राष्ट्रमंडल गेम्स के शुरू होने में सिर्फ तीन दिन का समय बचा है.ऐसे में टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने सोमवार को सोशल मीडिया पर अपनी बातें साझा की, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि वह अपने कोच बार-बार बदले जाने के कारण 'मानसिक उत्पीड़न' से गुजर रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रमुख आयोजनों के लिए उनकी तैयारी लगातार प्रभावित हो रही है, क्योंकि उनके कोचों ने उन्हें टोक्यो में एक ऐतिहासिक पदक दिलाने में मदद की थी, जिसे बिना किसी कारण के हटा दिया गया. भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन के समर्थन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उतरीं हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा मुझे उम्मीद है कि सरकार उनकी शिकायत पर गौर करेगी और उन्हें हो परेशानी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.

वहीं असम की 24 वर्षीय मुक्केबाज ने एक ट्वीट में कहा कि राष्ट्रमंडल गेम्स विलेज में उनके कोचों के प्रवेश से इनकार करने के बाद उन्हें प्रशिक्षण में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. लवलीना ने कहा कि उनके एक कोच को घर भेज दिया गया है और दूसरे को राष्ट्रमंडल खेल गांव में प्रवेश से वंचित कर दिया गया है. यह भी पढ़े: CWG 2022: ओलिंपिक मेडलिस्ट Lovlina Borgohain का बड़ा आरोप, कहा- गेम्स से ठीक पहले किया जा रहा प्रताड़ित

प्रियंका गांधी का ट्वीट:

लवलीना ने एक ट्वीट में कहा, "आज बड़े दुख के साथ मैं यह बताना चाहती हूं कि मेरे साथ उत्पीड़न हो रहा है। जिन कोचों ने मुझे ओलंपिक पदक जीतने में मदद की, उन्हें हटा दिया गया जिससे मेरी प्रशिक्षण प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो रही है। कोचों में से एक संध्या गुरुंगजी हैं, जो द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता हैं। दोनों मेरे कोचों को प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए निवेदन करना पड़ता है और उन्हें काफी देर से आने की अनुमति दी जाती है.

उन्होंने आगे कहा, "अभी मेरी कोच संध्या गुरुंगजी कॉमनवेल्थ विलेज के बाहर हैं। इस सब के साथ, खेलों से ठीक 8 दिन पहले मेरी ट्रेनिंग प्रक्रिया रुक गई है। मेरे दूसरे कोच को भी भारत वापस भेज दिया गया है। मेरे कई अनुरोध करने के बाद भी मदद नहीं की गई है। जिससे मुझे मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। मुझे नहीं पता कि खेल में कैसे ध्यान केंद्रित करना है। इसके कारण मेरी पिछली विश्व चैंपियनशिप भी खराब हो गई थी। इस राजनीति के कारण मैं अपना राष्ट्रमंडल खेल खराब नहीं करना चाहती। मुझे उम्मीद है कि मैं इस राजनीति को तोड़ और अपने देश के लिए पदक जीतूंगी। जय हिंद.

मुक्केबाज ने दिल्ली में आयोजित चयन ट्रायल में रेलवे पूजा के खिलाफ 7-0 से जीत के साथ 70 किग्रा स्पर्धा में राष्ट्रमंडल गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह पक्की की थी.

लवलीना ने इतिहास रचा, जब उन्होंने टोक्यो 2020 में महिलाओं का 69 किलोग्राम कांस्य पदक जीता, विजेंदर सिंह (बीजिंग 2008 में कांस्य) और मैरी कॉम (लंदन 2012 में कांस्य) के बाद ओलंपिक में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बनी थीं.