BCCI President Election: सौरव गांगुली के बीसीसीआई से बाहर होने पर सियासी घमासान तेज!

सौरव गांगुली के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद से हटने को लेकर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीति तेज हो गई है.

सौरव गांगुली (Photo Credits: Instagram)

कोलकाता, 12 अक्टूबर : सौरव गांगुली के भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद से हटने को लेकर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीति तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में मौजूद हैं और एक भाजपा नेता के बेटे के रूप बोर्ड सचिव पद पर रहना सही नहीं है.

उन्होंने कहा, "केवल सौरव गांगुली ही इस मामले में एक व्याख्यात्मक उत्तर दे सकते हैं. मैं यह जवाब देने की स्थिति में नहीं हूं कि वह इस मामले में इस राजनीतिक स्पष्टीकरण के साथ कहां तक सही हैं. लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब भाजपा ने पूरे क्षेत्र में एक संदेश फैलाने की कोशिश की थी. पश्चिम बंगाल के सौरव गांगुली जल्द ही उनके खेमे में होंगे. यह संदेश एक भाजपा नेता के अपने आवास पर रात्रि भोजन के बाद फैलाया गया था. अब भाजपा को उस संदेश पर धीरे-धीरे सवालों का सामना करना पड़ा, जो उन्होंने फैलाने की कोशिश की. यह भी पढ़ें : Syed Mushtaq Ali Trophy: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के पहले ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ बने दिल्ली के ऋतिक शौकीन

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य, डॉ शांतनु सेन ने भी एक ट्विटर संदेश जारी कर संकेत दिया है कि गांगुली का बीसीसीआई से बाहर होना शायद इसलिए है क्योंकि या तो वह तृणमूल कांग्रेस शासित राज्य से हैं या इसलिए कि वह भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं. प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व राज्य इकाई प्रमुख, दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं द्वारा ये निराधार राजनीतिक आरोप हैं. उन्होंने कहा, "यह कोई जानकारी नहीं है कि हमारी पार्टी ने सौरव गांगुली से संपर्क किया था. तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर अनावश्यक रूप से बातें कर रही है." भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा बिना किसी एक व्यक्ति पर निर्भर हुए या बिना किसी तरह के समझौते के राष्ट्रीय स्तर पर इस मुकाम पर पहुंच गई है.

उन्होंने कहा, "यह दावा करना गलत है कि जब तक सौरव गांगुली पार्टी में शामिल नहीं होंगे, तब तक बीजेपी पश्चिम बंगाल में अपना मजबूत आधार नहीं बना पाएगी. दरअसल, बीजेपी पर बेबुनियाद आरोप लगाना तृणमूल कांग्रेस की आदत बन गई है. लेकिन इस तरह की बातें वास्तव में सौरव गांगुली का अपमान करेगी और क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएगी. खेल के क्षेत्र में इस तरह की अनावश्यक बातें ठीक नहीं है."

Share Now

संबंधित खबरें

वीरेंद्र सहवाग और आरती अहलावत के अलगाव की खबरों पर इंटरनेट पर चर्चा, सोशल मीडिया यूजर्स ने बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास का नाम घसीटा

India Squad for ICC Men's U19 World Cup 2026: अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए बीसीसीआई ने किया टीम इंडिया का ऐलान, आयुष म्हात्रे होंगे कप्तान, साउथ अफ्रीकी दौरे पर 14 वर्षीय सूर्यवंशी को कमान

Will Virat-Rohit Play Vijay Hazare Trophy Next Match? क्या विजय हजारे ट्रॉफी में अगला मैच खेलेंगे विराट कोहली और रोहित शर्मा या न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ पर रहेगा पूरा फोकस? जानिए पूरा माजरा

Bus Driver Films Virat Kohli: विजय हजारे ट्रॉफी में बस ड्राइवर ने कैमरे में कैद किया ईशांत शर्मा के साथ विराट कोहली का देसी अंदाज़, देखें वायरल वीडियो

\