जब मिस्बाह को कैच आउट करा जोगिंदर शर्मा ने दिलाई थी जीत!
एस. श्रीसंत ने आईसीसी टी20 विश्व कप के उद्घाटन सीजन के ग्रुप मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को जीत दिलाने में मदद की थी. वहीं, टूर्नामेंट के फाइनल में तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने टूर्नामेंट के अंतिम मैच में भारत को खिताबी जीत दिलाने में एक अहम भूमिका निभाई थी.
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर : एस. श्रीसंत ने आईसीसी टी20 विश्व कप के उद्घाटन सीजन के ग्रुप मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को जीत दिलाने में मदद की थी. वहीं, टूर्नामेंट के फाइनल में तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने टूर्नामेंट के अंतिम मैच में भारत को खिताबी जीत दिलाने में एक अहम भूमिका निभाई थी. मिस्बाह-उल-हक चार गेंदों में केवल छह रनों की जरूरत के साथ स्कूप के लिए गए, लेकिन श्रीसंत ने शॉर्ट फाइन लेग पर एक आसान कैच पकड़ा, जिससे भारत की जीत पांच रन से हुई और उसने इसके साथ उद्घाटन आईसीसी टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीती. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने शानदार 75 रन बनाए और मेन इन ब्लू ने पांच विकेट के नुकसान पर 157 रन बनाए.
जवाब में, भले ही पाकिस्तान ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन मिस्बाह अंत तक क्रीज पर बने रहे. जोगिंदर शर्मा को गेंदबाजी करने के लिए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गेंद फेंकी. पेसर की पहली गेंद वाइड गई और अगली एक डॉट बॉल. मिस्बाह ने दूसरी गेंद पर छक्का लगाया और अब चार गेंदों पर सिर्फ छह रन की जरूरत थी. उसके बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने मिस्बाह को जोगिंदर की गेंद पर एक लंबा शॉट मारते हुए देखा, लेकिन गेंद हवा में उछल गई और गेंद को श्रीसंत ने लपक लिया. मिसबाह वापस पवेलियन लौट गए और भारत ने ट्रॉफी को अपने नाम कर लिया.
धोनी ने मैच के बाद कहा, "यह उन चीजों में से एक है जिसे मैं जीवन भर संजो कर रखूंगा. मैं लड़कों को बधाई देना चाहता हूं और उन्होंने मुझे जो प्रतिक्रिया दी है उसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं. किसी ने हमसे जीत की उम्मीद नहीं की थी और जिस तरह से हमने खेला वह एक बड़े जश्न के लायक था. पाकिस्तान ने दूसरे हाफ में वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की. लेकिन हमें पता था कि हमारे पास बोर्ड पर रन हैं और हम बल्लेबाजों पर कुछ दबाव ला सकते हैं. मैंने सोचा कि मुझे किसी ऐसे व्यक्ति को गेंद फेंकने को देनी चाहिए, जो वास्तव में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है." यह भारतीय क्रिकेट में धोनी युग की शुरूआत थी क्योंकि भारत ने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में 2011 एकदिवसीय विश्व कप और साथ ही 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 22, 2022 12:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

