ICC Reacts to Pakistan's Decision: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले का बहिष्कार करने के पाकिस्तान के फैसले पर गहरी चिंता जताई है. रविवार को जारी एक कड़े बयान में आईसीसी ने कहा कि पाकिस्तान का 'चुनिंदा भागीदारी' (Selective Participation) का रुख वैश्विक क्रिकेट की अखंडता को कमजोर करता है और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं.
पाकिस्तान सरकार का हैरान करने वाला फैसला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घोषणा की कि उनकी टीम श्रीलंका में होने वाले टूर्नामेंट में तो हिस्सा लेगी, लेकिन 15 फरवरी 2026 को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के खिलाफ होने वाले मैच में नहीं उतरेगी. हालांकि, सरकार ने इस बहिष्कार के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया है. यह भी पढ़े: Pakistan vs Australia, 3rd T20I Match Scorecard: लाहौर में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 111 रनों से दी करारी शिकस्त, 3-0 से किया सीरीज में क्लीन स्वीप; यहां देखें PAK बनाम AUS मैच का स्कोरकार्ड
'खेल की भावना का उल्लंघन': ICC
आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि वह अभी भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के आधिकारिक संवाद का इंतजार कर रहा है, लेकिन मौजूदा स्थिति किसी भी वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांतों के विपरीत है."आईसीसी टूर्नामेंट खेल की ईमानदारी, प्रतिस्पर्धा और निष्पक्षता पर टिके होते हैं. चुनिंदा भागीदारी इन प्रतियोगिताओं की पवित्रता को कम करती है. यह निर्णय वैश्विक खेल या दुनिया भर के लाखों प्रशंसकों के हित में नहीं है.
क्यों उपजा यह विवाद?
इस तनाव की जड़ें 24 जनवरी को बांग्लादेश के टूर्नामेंट से हटने में छिपी हैं. बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आईसीसी ने उसे स्कॉटलैंड से बदल दिया. पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने इसे 'दोहरा मानदंड' बताते हुए बांग्लादेश का समर्थन किया था. नकवी ने हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसके बाद यह बहिष्कार का फैसला सामने आया.
पाकिस्तान को हो सकता है भारी नुकसान
यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है, तो उसे आईसीसी के कड़े नियमों का सामना करना पड़ेगा:
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अंकों का नुकसान: मैच न खेलने पर भारत को वॉकओवर मिलेगा और पाकिस्तान को महत्वपूर्ण 2 अंक गंवाने होंगे.
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नेट रन रेट पर असर: आईसीसी क्लॉज 16.10.7 के अनुसार, बहिष्कार करने वाली टीम के रन रेट की गणना में पूरे 20 ओवरों को शून्य रन के साथ गिना जाएगा, जिससे सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाएगी.
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आर्थिक दंड: भारत-पाकिस्तान मैच से होने वाला राजस्व किसी भी अन्य मुकाबले से कहीं अधिक होता है. इस मैच के न होने से ब्रॉडकास्टर्स और पीसीबी दोनों को करोड़ों का नुकसान हो सकता है.
टूर्नामेंट का पूरा कार्यक्रम
पाकिस्तान ग्रुप ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका के साथ है. हाइब्रिड मॉडल के तहत पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका में आयोजित किए जा रहे हैं:
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7 फरवरी: बनाम नीदरलैंड (उद्घाटन मैच)
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10 फरवरी: बनाम अमेरिका
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15 फरवरी: बनाम भारत (बहिष्कार प्रस्तावित)
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18 फरवरी: बनाम नामीबिया
आगे का घटनाक्रम: आईसीसी ने उम्मीद जताई है कि पीसीबी अपने देश में क्रिकेट के दीर्घकालिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई समाधान निकालेगा. इस बीच, बीसीसीआई (BCCI) सूत्रों का कहना है कि भारतीय टीम प्रोटोकॉल के तहत कोलंबो पहुंचेगी और मैच रेफरी के फैसले का इंतजार करेगी.













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