Mumbai Great Padmakar Shivalkar Dies: मुंबई क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी पडेकर शिवालकर का निधन: 124 फर्स्ट क्लास मैचों में चटकाए हैं 589 विकेट, फिर भी टीम इंडिया में नहीं मिली जगह (Watch Video)
मुंबई क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक, पाडेकर शिवलकर का निधन हो गया. उन्होंने अपने 25 साल लंबे करियर में 124 फर्स्ट क्लास मैचों में 589 विकेट चटकाए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कभी भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला.
Mumbai Great Padmakar Shivalkar Dies: मुंबई क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक, पाडेकर शिवलकर का निधन हो गया. उन्होंने अपने 25 साल लंबे करियर में 124 फर्स्ट क्लास मैचों में 589 विकेट चटकाए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कभी भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला. उनकी काबिलियत के बावजूद, बिशन सिंह बेदी, प्रसन्ना, वेंकटराघवन और चंद्रशेखर की मौजूदगी के चलते उन्हें टेस्ट टीम में जगह नहीं मिल सकी. शिवलकर को क्रिकेट की बारीकियां वीनू मांकड़ ने सिखाईं. उन्होंने 1961-62 में मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और 1980-81 के फाइनल के बाद संन्यास लिया.
हालांकि, 48 साल की उम्र के करीब एक बार फिर उन्हें रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.
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शिवलकर का क्रिकेट करियर
रणजी ट्रॉफी में मुंबई की 15 साल की लगातार जीत में उनका अहम योगदान रहा. 19.74 की औसत से विकेट लेने वाले इस बाएं हाथ के स्पिनर ने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से क्यों रहे दूर?
कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने शिवलकर को "सबसे दुर्भाग्यशाली क्रिकेटर" करार दिया, क्योंकि उनका प्रदर्शन बेहतरीन होने के बावजूद उन्हें कभी टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया. सुनील गावस्कर ने अपनी किताब ‘Idols’ में लिखा कि वह चयनकर्ताओं को मनाने में असफल रहे कि शिवलकर को भारतीय टीम में मौका दिया जाए.
सम्मान और कोचिंग करियर
शिवलकर को उनके योगदान के लिए 2017 में राजिंदर गोयल के साथ ‘कर्नल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से नवाजा गया था. वह मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे. संन्यास के बाद उन्होंने शिवाजी पार्क जिमखाना में युवा खिलाड़ियों को कोचिंग देना शुरू किया.
उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति पिछले महीने थी, जब उन्हें वानखेड़े स्टेडियम की 50वीं वर्षगांठ पर सम्मानित किया गया था.