IND vs PAK Match, ICC T20 World Cup 2026: पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर फिर जताई अडिगता, पीएम शहबाज़ शरीफ का बड़ा बयान (Watch Video)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने एक बार फिर साफ किया है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला नहीं खेलेगी. यह मैच 15 फरवरी को श्रीलंका में होना था. पाकिस्तान ने इस फैसले के पीछे राजनीति और बांग्लादेश के समर्थन का हवाला दिया है. आईसीसी ने इस रुख पर कड़ी चेतावनी देते हुए गंभीर और दीर्घकालिक परिणामों की बात कही है. अब क्रिकेट जगत की नजरें आईसीसी की मध्यस्थता और आने वाले फैसले पर टिकी हैं.
ICC T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने वाला हैं. दो दिन बाद इसकी शुरुआत हो रही है. अभी तक तीन टीमें ऐसी हैं जिन्होंने दो बार इस टूर्नामेंट को जीता है. वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और टीम इंडिया के नाम ही इस लिस्ट में है. साल 2024 के एडिशन की विजेता टीम टीम इंडिया को इस बार भी फेवरिट माना जा रहा है. टीम इंडिया क्या यह कीर्तिमान बना पाएगी यह देखना दिलचस्प होगा. टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीमों की बात करें तो भारतीय टीम सबसे आगे है. भारतीय क्रिकेट टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब अपने नाम किया था. ऐसे में अब टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना टाइटल डिफेंड करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. यह भी पढ़ें: Suryakumar Yadav New Milestone: आगामी टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका, इस मामले में विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की छोड़ सकते हैं पीछे
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मुकाबला नहीं खेलेगा. मीडिया से बातचीत के दौरान शहबाज़ शरीफ ने कहा कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रहना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में पाकिस्तान यह फैसला लेने को मजबूर है. उन्होंने बताया कि यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया है, जिसे हाल ही में टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था. गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच यह मुकाबला 15 फरवरी को श्रीलंका में खेला जाना था. भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला पहले ही लिया गया था.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की पुष्टि
पाकिस्तानी सरकार ने 1 फरवरी को राष्ट्रीय टीम को टी20 वर्ल्ड कप खेलने की मंजूरी दी थी, लेकिन साफ शर्त रखी थी कि टीम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी. यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट कॉउंसिल (ICC) द्वारा बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद सामने आया.
दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में मैच खेलने से इनकार किया था और मुकाबले श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने ठुकरा दिया.
आईसीसी की सख्त चेतावनी: ‘गंभीर और दीर्घकालिक परिणाम’
आईसीसी ने पाकिस्तान के इस रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी देते हुए कहा है कि चुनिंदा मैच खेलना वैश्विक टूर्नामेंट की भावना के खिलाफ है और इसके गंभीर व लंबे समय तक असर हो सकते हैं.
स्थिति को संभालने के लिए आईसीसी ने अपने डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा को पीसीबी से बातचीत के लिए नियुक्त किया है.
पाकिस्तान पर लग सकती हैं भारी पाबंदियां
अगर पाकिस्तान अपने फैसले पर कायम रहता है, तो पीसीबी को कई बड़ी सज़ाओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें शामिल हैं:
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किया जाना
भविष्य के आईसीसी टूर्नामेंट्स की मेज़बानी का अधिकार छिनना
आईसीसी से मिलने वाले राजस्व हिस्से पर रोक, जिसकी अनुमानित राशि 2024–27 चक्र में करीब 144 मिलियन डॉलर है
आईसीसी को भी भारत-पाकिस्तान मुकाबला न होने की स्थिति में ब्रॉडकास्टर्स और स्पॉन्सर्स से करोड़ों डॉलर का नुकसान हो सकता है.
‘Force Majeure’ का सहारा ले सकता है पाकिस्तान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान इस बहिष्कार को सरकारी आदेश बताते हुए ‘Force Majeure’ क्लॉज का सहारा ले सकता है, ताकि पीसीबी पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप न लगे.
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
इस विवाद पर पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासेर हुसैन ने कहा कि किसी न किसी स्तर पर कोई तो राजनीति के खिलाफ आवाज़ उठाए. उन्होंने टिप्पणी की, “कभी न कभी कहना पड़ेगा—बहुत हो गया राजनीति, अब क्रिकेट खेला जाए.”
वहीं, सोशल मीडिया पर फैल रही पाकिस्तान पर एक साल के बैन की खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया गया है. आईसीसी की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
आगे क्या?
अब पूरी दुनिया की नजरें 15 फरवरी की समयसीमा और आईसीसी की कूटनीतिक कोशिशों पर टिकी हैं. यह देखना अहम होगा कि क्या भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर कोई बीच का रास्ता निकलता है या टी20 वर्ल्ड कप 2026 एक बड़े विवाद के साथ आगे बढ़ता है.