ढाका, 4 अक्टूबर : बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार (Sheikh Hasina Government) के तख्तापलट के बाद से स्थिति सामान्य नहीं हुई है. देश में राजनीतिक हलचल तेज है. इस बीच अवामी लीग पार्टी ने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के हालिया बयानों ने एक बार फिर उनके अपने विरोधाभासों और असुरक्षाओं को उजागर कर दिया. बांग्लादेश की आवामी लीग पार्टी ने मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) की अंतरिम सरकार को चेतावनी दी है कि देश एक गहरे लोकतांत्रिक संकट का सामना कर रहा है. पार्टी ने यह टिप्पणी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट जेटियो के संस्थापक पत्रकार मेहदी हसन के साथ यूनुस के हालिया इंटरव्यू के बाद की. दरअसल, इस इंटरव्यू के दौरान मुख्य सलाहकार ने अवामी लीग की स्थिति को प्रतिबंध के बजाय "निलंबन" के रूप में दिखाने की कोशिश की थी. इसे लेकर अवामी लीग पार्टी अब मुहम्मद यूनुस के ऊपर हमलावर हो गई.
यूनुस की आलोचना करते हुए, अवामी लीग ने कहा, "यदि कोई राजनीतिक दल चुनाव आयोजित नहीं कर सकता, प्रचार नहीं कर सकता या चुनाव नहीं लड़ सकता, तो उस पर वास्तव में प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसे निलंबन कहना एक बयानबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है, जिसका उद्देश्य उनकी सरकार की लोकतांत्रिक वैधता पर सवाल उठाने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के लिए वास्तविकता को कमजोर करना है." दरअसल, यूनुस बांग्लादेश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी, अवामी लीग के निलंबन का बचाव करते हुए शब्दों के चयन की वजह से यह बयानबाजी उल्टी पड़ गई. इंटरव्यू के दौरान यूनुस ने कह दिया कि पार्टी को 'प्रतिबंध' नहीं, बल्कि सिर्फ 'निलंबित' किया गया. इससे जाहिर है कि या तो उन्हें अपने कार्यों के लोकतांत्रिक परिणामों की जानकारी नहीं है, या फिर उन्हें अवामी लीग के किसी भी क्षण फिर से मजबूत होने की आशंका से डर लगता है. यह भी पढ़ें: Nepal Landslide: भूस्खलन के बाद काठमांडू में वाहनों की आवाजाही पर तीन दिन का प्रतिबंध
अवामी लीग ने जोर देकर कहा कि यूनुस ने भाषा को तोड़-मरोड़कर सत्तावादी फैसलों को सही ठहराने की कोशिश की, जिससे जाहिर होता है कि उन्हें न तो अंतरिम सरकार की वैधता पर भरोसा है और न ही वे उन लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं जिनका वे पालन करने का दिखावा करते हैं. पार्टी का कहना है कि यह इंटरव्यू यूनुस को एक ऐसे नेता के रूप में उजागर करता है जिनके जवाब विरोधाभासी और टालमटोली वाले हैं. वह अवामी लीग को दरकिनार रखने की गहरी सनक से ग्रस्त है. उन्होंने (मुहम्मद यूनुस) बार-बार दावा किया कि पार्टी 'वैध' है, फिर भी उसे निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने लोकतांत्रिक सिद्धांतों की घोर अवहेलना की है.
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार ने टिप्पणी की थी, "यह हमारा फैसला है कि हम कितने समय तक सत्ता में बने रहेंगे." इसे लेकर अवामी लीग ने जोर देकर कहा कि यह एक सत्तावादी मानसिकता को दर्शाता है, जो जनता की सहमति या चुनावी वैधता की परवाह किए बिना, अपनी इच्छानुसार सत्ता का विस्तार करने की इच्छा का संकेत देता है. अवामी लीग को रोकने पर बार-बार जोर देने से एक "शासन से नहीं, बल्कि भय से प्रेरित सरकार" का पता चलता है. अवामी लीग ने कहा, "देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी को जबरन दरकिनार किया जा रहा है. यूनुस के विरोधाभासी शब्द और सत्तावादी कार्रवाइयां दर्शाती हैं कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बिना, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की बहुत कम उम्मीद है."













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