Maintenance on Second Husband Case: पहली शादी के रहते हुए दूसरे पति से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती महिला
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक फैमली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें एक महिला के दूसरे पति को उसे मासिक भरण-पोषण भत्ता देने के लिए कहा गया था. कोर्ट ने पाया कि महिला ने अपने पहले पति को तलाक नहीं दिया था और इस तरह वह कानूनी रूप से दूसरे पुरुष की विवाहित पत्नी नहीं थी.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक फैमली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें एक महिला के दूसरे पति को उसे मासिक भरण-पोषण भत्ता देने के लिए कहा गया था. कोर्ट ने पाया कि महिला ने अपने पहले पति को तलाक नहीं दिया था और इस तरह वह कानूनी रूप से दूसरे पुरुष की विवाहित पत्नी नहीं थी.
कोर्ट ने कहा कि पहली शादी से तलाक न होने के कारण महिला दूसरे पति से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती है. इससे पहले फैमली कोर्ट ने पति को पत्नी को 10,000 रुपये प्रति माह देने का निर्देश दिया था.
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