SC On Sexual Desire Advice Of HC: सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के एक बयान पर नाराजगी हाजिर की है. अक्टूबर में महिलाओं को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने एक फैसला सुनाया था. इस फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि 'लड़कियों को सेक्स की इच्छा पर नियंत्रण रखना चाहिए'. देश की शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि अदालतों को किसी मामले में फैसला देते हुए. हमेशा अपने पर्सनल ओपिनियन और उपदेश देने से बचना चाहिए. शीर्ष अदालत ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट का यह बयान आपत्तिजनक है. साथ ही यह बेहद गैर जरूरी भी है जिसकी कोई आवश्यकता नहीं थी. इस तरह का बयान आर्टिकल 21 का उल्लंघन करता है, जो मूल अधिकारों का हनन है. आर्टिकल 21 व्यक्ति को जीवन जीने का अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है.

(SocialLY के साथ पाएं लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज, वायरल ट्रेंड और सोशल मीडिया की दुनिया से जुड़ी सभी खबरें. यहां आपको ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल होने वाले हर कंटेंट की सीधी जानकारी मिलेगी. ऊपर दिखाया गया पोस्ट अनएडिटेड कंटेंट है, जिसे सीधे सोशल मीडिया यूजर्स के अकाउंट से लिया गया है. लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है. सोशल मीडिया पोस्ट लेटेस्टली के विचारों और भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, हम इस पोस्ट में मौजूद किसी भी कंटेंट के लिए कोई जिम्मेदारी या दायित्व स्वीकार नहीं करते हैं.)