Video: डे केयर में मासूम के साथ बर्बरता! नोएडा की नौकरानी ने 15 महीने की बच्ची को बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तार
डे केयर में बच्ची के साथ मारपीट (Photo: X|@Kuldeep44816379)

उत्तर प्रदेश, 11 अगस्त: नोएडा (Noida) के एक डे केयर सेंटर (Day Care Center) में 15 महीने की बच्ची के साथ कथित तौर पर एक नौकरानी द्वारा शारीरिक दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस ने नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है. 4 अगस्त को बच्ची की मां जब उसे डे केयर सेंटर से घर लेकर आईं, तो बच्ची बेसुध और रोती हुई मिली. कपड़े बदलते समय मां ने उसकी दोनों जांघों पर गोलाकार निशान देखे, जो काटने के निशान जैसे थे. बच्ची को डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां इन चोटों की पुष्टि हुई. बाद में माता-पिता ने सेंटर के सीसीटीवी फुटेज देखा जिसमें नौकरानी को बच्ची को लगातार थप्पड़ मारते, ज़मीन पर गिराते और प्लास्टिक के बैट से मारते हुए देखा गया. नौकरानी ने बच्ची के लगातार रोने के बावजूद उसे चुप कराने की कोशिश की, लेकिन जब वह शांत नहीं हुई तो उसे शारीरिक रूप से चोट पहुंचाया. यह भी पढ़ें: Shahjahanpur Video: शाहजहांपुर के सरकारी चिल्ड्रेन्स होम में अमानवीय मारपीट! केयर टेकर ने डंडे और थप्पड़ों से बच्चों को जमकर पीटा, वीडियो आया सामने

माता-पिता का डे केयर पर लापरवाही आरोप

माता-पिता ने न केवल नौकरानी पर बल्कि डे केयर के प्रमुख पर भी लापरवाही और दुर्व्यवहार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बच्ची की हालत खराब होने के बावजूद, डे केयर प्रमुख ने कोई मदद या दिलासा नहीं दिया. जब उनसे इस मामले पर सवाल किया गया, तो नौकरानी और प्रमुख दोनों ने गाली-गलौज और धमकियां दीं.

बच्ची के साथ मारपीट की पूरी घटना कैमरे में कैद

पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

मामले की शिकायत सेक्टर-142 पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई. बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई. पुलिस ने आरोपी नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने बताया कि कानूनी कार्रवाई जारी है. शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आरोपी को हिरासत में लिया गया है."

यह घटना बच्चों की सुरक्षा के महत्व को दोबारा उजागर करती है, विशेष रूप से ऐसे संस्थानों में जहां बच्चों की देखभाल होती है. माता-पिता और समाज को ऐसे केंद्रों की गुणवत्ता और कर्मचारियों की विश्वसनीयता पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है ताकि बच्चे सुरक्षित रहें.