Sara Baloch Viral Video: उत्पीड़न मामले की सच्चाई और डिजिटल स्कैम का पर्दाफाश

इंटरनेट पर 'सारा बलोच वायरल वीडियो' को लेकर फैली भ्रांति के बीच जांच में सामने आया है कि यह मामला पाकिस्तान में ब्लैकमेलिंग और उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसे साइबर अपराधी भारत में स्पैम और मालवेयर फैलाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

सोशल मीडिया और गूगल पर इन दिनों 'सारा बलोच वायरल वीडियो' (Sara Baloch Viral Video) शब्द तेजी से सर्च किया जा रहा है. इसे लेकर इंटरनेट पर कई तरह की अफवाहें हैं—कुछ इसे असम की किसी छात्रा का वीडियो बता रहे हैं, तो कुछ इसे एक एमएमएस (MMS) स्कैंडल का नाम दे रहे हैं. हालांकि, जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस नाम के साथ फैलाए जा रहे वीडियो और लिंक न केवल भ्रामक हैं, बल्कि भारतीय यूजर्स के लिए एक बड़ा डिजिटल खतरा भी हैं.

क्या यह सच में कोई स्कैंडल है?

जांच रिपोर्टों और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सारा बलोच का मामला पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से जुड़ा एक गंभीर अपराध है. यह मामला उत्पीड़न (Harassment) और ब्लैकमेलिंग का है, जिसमें वहां की पुलिस ने कुछ गिरफ्तारियां भी की हैं. लेकिन, इंटरनेट पर इसे जिस तरह से 'लीक्ड वीडियो' के नाम पर परोसा जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है. इसका असम या भारत के किसी राज्य से कोई संबंध नहीं है.

अंतरराष्ट्रीय स्पैमर्स का जाल

साइबर अपराधियों ने इस गंभीर मामले को एक 'क्लिकबेट' (Clickbait) की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. अपराधी 'असम की छात्रा' या 'वायरल वीडियो लिंक' जैसे भ्रामक टाइटल का उपयोग करके लोगों को संदिग्ध वेबसाइटों पर भेज रहे हैं.

मालवेयर का खतरा: इन लिंक पर क्लिक करने से आपके फोन या कंप्यूटर में वायरस (Malware) आ सकता है.

डेटा चोरी: कई वेबसाइटें वीडियो दिखाने के बहाने आपकी निजी जानकारी चुराने की कोशिश करती हैं.

भ्रामक प्रचार: व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स में यह वीडियो गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है.

सारा बलोच कौन हैं?

सारा बलोच पाकिस्तान की एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर हैं. उनके नाम का इस्तेमाल स्कैमर्स इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनकी सोशल मीडिया पर अच्छी खासी पहचान है. उनकी पुरानी तस्वीरों और वीडियो को एडिट करके या गलत संदर्भ में इस्तेमाल कर डिजिटल ब्लैकमेल्स का एक जाल बुना गया है.

पुलिस की चेतावनी और सावधानी

साइबर विशेषज्ञों और पुलिस ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे ऐसे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें जो 'वायरल वीडियो' या 'लीक्ड कंटेंट' का दावा करते हों. पाकिस्तान में इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई चल रही है, लेकिन भारत में इसे केवल साइबर ठगी के उद्देश्य से वायरल किया जा रहा है.

 

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