PM मोदी के काफिले की बुलेटप्रूफ गाड़ियां लोकल कार वॉश पर धुल रही थीं? SPG प्रोटोकॉल उल्लंघन पर मचा बवाल
सोशल मीडिया पर बिहार के समस्तीपुर का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कथित तौर पर PM मोदी के काफिले की SUV गाड़ियां एक लोकल कार वॉश स्टेशन पर धुलती दिख रही हैं. कई यूज़र्स ने यह दावा किया कि यह PM की सुरक्षा में बड़ी चूक है. हालांकि, जिसने यह वीडियो पोस्ट किया था, उसका इंस्टाग्राम पेज अब डिलीट हो चुका है, जिससे वीडियो की प्रमाणिकता पर भी सवाल बरकरार हैं.
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक काफिले (Convoy) की कुछ हाई-एंड काली SUV गाड़ियों को बिहार के समस्तीपुर में एक लोकल कार वॉश स्टेशन पर धुलते हुए दिखाया गया है.
बताया जा रहा है कि यह वीडियो कार वॉश के मालिक ने खुद ही बनाया था. वीडियो में दिख रही गाड़ियां बिल्कुल वैसी हैं, जैसी PM की सुरक्षा में इस्तेमाल होती हैं. वीडियो वायरल होने के बाद, कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने यह दावा करना शुरू कर दिया कि इनमें से एक गाड़ी वह 'ख़ास गाड़ी' है जिसमें प्रधानमंत्री सफ़र करते हैं.
एक यूज़र ने 'X' (पहले ट्विटर) पर लिखा, "प्रधानमंत्री की कार एक लोकल कार वॉश में धुल रही है. कार वॉश के मालिक ने वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया. ध्यान दें, यह PM के काफिले की 'कोई एक' कार नहीं, बल्कि 'वही कार' है जिसमें PM सफ़र करते हैं. मुझे यकीन है कि PM के काफिले के लिए सरकारी व्यवस्था में, SPG की निगरानी में, साफ़-सफ़ाई और सर्विसिंग की एक डेडिकेटेड जगह होगी. फिर यह कैसे हुआ? यह एक संभावित सुरक्षा आपदा (Security Disaster) है!"
क्या डिलीट हो गया है ओरिजिनल वीडियो?
हालांकि, जिस कार वॉश के मालिक 'विश्वकर्मा मोटर विजय' के इंस्टाग्राम पेज से यह वीडियो पोस्ट हुआ बताया जा रहा था, वह अब डिलीट या हटा हुआ दिखाई दे रहा है.
सवाल जो उठ रहे हैं:
इस वीडियो के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ा सवाल है सुरक्षा (Security) को लेकर. प्रधानमंत्री के काफिले की गाड़ियाँ, जो 'स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप' (SPG) की निगरानी में रहती हैं, क्या उन्हें सच में किसी लोकल, अनियंत्रित जगह पर साफ़ करवाया जा सकता है?
नेटीजन्स का दावा है कि यह एक बड़ा सुरक्षा चूक (Security Breach) हो सकता है, क्योंकि इन गाड़ियों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर बेहद सख्त नियम होते हैं. हालांकि, यह अभी साफ़ नहीं है कि ये गाड़ियाँ सच में प्रधानमंत्री की 'वही' गाड़ी थीं या सिर्फ काफिले में इस्तेमाल होने वाली कोई दूसरी गाड़ियाँ थीं. इस मामले की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है.
फ़िलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रहे हैं. लेकिन वीडियो की सच्चाई और PM के काफिले से इसके सीधे संबंध की पूरी तरह पुष्टि होना अभी बाक़ी है.