VIDEO: स्वतंत्रता दिवस पर अंटार्कटिका की बर्फीली वादियों में शान से लहराया तिरंगा, दिल छू लेने वाला वीडियो वायरल
एक भारतीय व्यक्ति ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अंटार्कटिका की बर्फीली ज़मीन पर शान से तिरंगा फहराया. इस देशभक्ति भरे पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने इस जज़्बे को खूब सराहा. कड़ाके की ठंड के बावजूद देश से मीलों दूर यह जश्न हर भारतीय को गौरवान्वित कर रहा है.
Indian flag in Antarctica: जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से तिरंगा फहरा रहे थे, ठीक उसी समय देश से हज़ारों किलोमीटर दूर भी देशभक्ति का जज़्बा देखने को मिला. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक भारतीय व्यक्ति अंटार्कटिका की कड़ाके की ठंड में शान से तिरंगा लहराकर स्वतंत्रता दिवस मना रहा है.
यह वीडियो मोहित शर्मा नाम के एक यूज़र ने संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर शेयर किया है, और इसने इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत लिया है. वीडियो में मिस्टर शर्मा अंटार्कटिका के विशाल बर्फीले मैदान में गर्व से तिरंगा लहराते हुए नज़र आ रहे हैं.
मिस्टर शर्मा ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, "धरती की सबसे ठंडी जगह और सबसे दक्षिणी महाद्वीप से स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं."
'फिसलन भरी बर्फ़ और आपका हौसला' यह वीडियो अब तक लगभग 55,000 बार देखा जा चुका है. लोग अपने घर से मीलों दूर मिस्टर शर्मा की देशभक्ति और जज़्बे को देखकर उनकी खूब तारीफ़ कर रहे हैं.
एक यूज़र ने लिखा, "इस फिसलन भरी बर्फ़ पर आपका हौसला और आत्मविश्वास. भाई, आपने हमें और भी ज़्यादा गर्व महसूस कराया." एक दूसरे यूज़र ने लिखा, "ईश्वर आप पर कृपा करे दोस्त. आपको भी स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत बधाई."
एक तीसरे व्यक्ति ने कमेंट किया, "आपको सलाम है भाई. इतनी ठंड में काम करना और साथ में तिरंगा फहराना वाकई बड़ी बात है." एक और कमेंट आया, "क्या नज़ारा है. स्वतंत्रता दिवस मुबारक हो. जय हिंद, जय भारत."
एक और वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि झंडा फहराने की तैयारी कैसे की गई. वहां मौजूद क्रू के सदस्य झंडे के पोल को लगाने के लिए केबिन के बाहर से बर्फ हटाते दिखे. उन्होंने एक बड़ी क्रेन और औज़ारों की मदद से बर्फ में पोल को खड़ा किया. वहां मौजूद एक केबिन पर भी शान से तिरंगा लहराता हुआ दिख रहा है.
आपको बता दें कि अंटार्कटिका को पृथ्वी की सबसे ठंडी जगह माना जाता है, जहां तापमान अक्सर माइनस 60 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है. 21 जुलाई, 1983 को तो यहां के वोस्तोक स्टेशन (एक रूसी रिसर्च सेंटर) पर तापमान रिकॉर्ड तोड़ माइनस 89.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था.