Orange Shark Photos: कोस्टा रिका में दिखी दुर्लभ नारंगी शार्क, विशेषज्ञों ने बताया इसके चमकीले रंग का राज
कोस्टा रिका में एक अनोखी, चमकीले नारंगी रंग की शार्क देखी गई है, जो अपनी तरह का पहला मामला है. वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका यह खास रंग 'एल्बिनिज्म' और 'जैंथिज्म' नामक दो दुर्लभ आनुवंशिक स्थितियों का नतीजा है. यह खोज शार्क की जेनेटिक विविधता पर आगे के शोध के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
कोस्टा रिका के समुद्र में पिछले साल एक बेहद दुर्लभ और चमकीले नारंगी रंग की शार्क देखी गई थी. अब वैज्ञानिकों ने इसकी तस्वीरें जारी की हैं, जो मरीन बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुई हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पहली बार है जब इस रंग की कोई शार्क पाई गई है.
यह तस्वीरें पिछले साल टॉरटुगुएरो नेशनल पार्क के पास ली गई थीं. पेरिसिमा डोमस देई नाम की एक टूरिस्ट कंपनी कुछ एंगलर्स (मछली पकड़ने वाले) के साथ एक ट्रिप पर थी, जब उन्हें यह अनोखी मछली 37 मीटर की गहराई में दिखी. उस समय पानी का तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस था.
उन्होंने शार्क की तस्वीरें लीं और उसे बिना कोई नुकसान पहुंचाए वापस समुद्र में छोड़ दिया. बाद में, जब उन्होंने समुद्री विशेषज्ञों को इस घटना के बारे में बताया, तो उन्होंने इसकी तुलना एक बड़ी 'सुनहरी मछली' (Goldfish) से की.
शार्क का रंग नारंगी क्यों है?
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस शार्क का नारंगी रंग एक नहीं, बल्कि दो दुर्लभ आनुवंशिक (Genetic) स्थितियों के कारण है. इन स्थितियों को 'एल्बिनिज्म' (Albinism) और 'जैंथिज्म' (Xanthism) कहा जाता है. यह स्थिति शरीर में रंग बनाने वाले पदार्थ मेलेनिन के उत्पादन पर असर डालती है.
इस शार्क का रंग बेहद चमकीला नारंगी है और इसकी आँखें सफेद हैं, जो इसे सामान्य भूरे रंग की नर्स शार्क से बिल्कुल अलग बनाती हैं. हालांकि, इसका यह अनोखा रंग इसे शिकारियों के लिए एक आसान निशाना भी बना सकता है.
शोधकर्ताओं का मानना है कि इस खोज से स्थानीय नर्स शार्क की आबादी में जेनेटिक विविधता के बारे में और भी महत्वपूर्ण सवाल उठ सकते हैं.
जैंथिज्म जानवरों की दुनिया में बहुत ही दुर्लभ माना जाता है. यह पहले कुछ मछलियों, सरीसृपों (Reptiles) और पक्षियों में देखा गया है. कैरिबियन सागर में किसी कार्टिलेजिनस मछली (जैसे शार्क और रे) में जैंथिज्म का यह पहला दर्ज मामला है.
शोधकर्ताओं ने अपने लेख में कहा है, "शार्क में इस दुर्लभ रंग के पीछे के संभावित जेनेटिक या पर्यावरणीय कारणों को समझने के लिए अभी और ज्यादा शोध की जरूरत है."
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2025 10:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

