Fact Check: क्या टेस्ला ने भारत में ईवी प्लांट लगाने की योजना रद्द कर दी है? जानें सोशल मीडिया पर वायरल दावे का पूरा सच

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला (Tesla) ने भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना को पूरी तरह रद्द कर दिया है. भारतीय भारी उद्योग मंत्रालय के सूत्रों ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

फैक्ट चेक (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 20 मई: सोशल मीडिया (Social Media) और कई अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल वेबसाइटों (International Automobile Websites) पर 19 मई से एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माता कंपनी टेस्ला (Tesla) ने भारत में अपनी विनिर्माण इकाई (Manufacturing Plant) स्थापित करने की योजना को आधिकारिक तौर पर छोड़ दिया है. वायरल रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि भारत सरकार ने खुद टेस्ला के इस फैसले की पुष्टि की है. हालांकि, भारतीय भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें गलत और भ्रामक बताया है. सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या सरकार ने EPS-95 न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7500 रुपये कर दी? जानें सोशल मीडिया पर वायरल पत्र का पूरा सच

विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स से फैला भ्रम

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब 'Electric-Vehicles.com' और 'Futunn.com' जैसे कई अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने कथित "भारतीय स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स" का हवाला देते हुए लिखा कि टेस्ला ने भारत में प्लांट न लगाने का 'औपचारिक' फैसला किया है.

इन खबरों में यह भी दावा किया गया कि यह पुष्टि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की ओर से आई है.  इस भ्रम को तब और बढ़ावा मिला जब 'Teslarati' नाम के एक प्रमुख हैंडल ने एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने गलती से केएन बालगोपाल को भारत का भारी उद्योग मंत्री बता दिया.

मंत्रालय के सूत्रों ने किया दावों का खंडन

मंत्रालय के सूत्रों ने 'फाइनेंशियल एक्सप्रेस' से बातचीत में साफ किया है कि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने हाल ही में टेस्ला को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया है जिससे यह संकेत मिले कि कंपनी भारत से पीछे हट रही है.

अधिकारियों के मुताबिक, कुछ विदेशी मीडिया आउटलेट्स केंद्रीय मंत्री द्वारा पिछले साल (2025 में) दिए गए एक पुराने बयान को तोड़-मरोड़ कर और नए घटनाक्रम के रूप में पेश कर रहे हैं। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब भारत के ईवी बाजार में टेस्ला के प्रवेश को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं.

क्या था कुमारस्वामी का वास्तविक बयान?

वास्तव में, केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का यह बयान साल 2025 में वैश्विक व्यापार तनाव और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत आयात शुल्क (Import Tariffs) पर चर्चा के दौरान आया था.

तब उन्होंने कहा था, "मर्सिडीज-बेंज, स्कोडा-फॉक्सवैगन, हुंडई और किआ जैसी कंपनियों ने भारत में इलेक्ट्रिक कार बनाने में दिलचस्पी दिखाई है. टेस्ला से हम वास्तव में इस तरह की रुचि की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने केवल दो शोरूम शुरू करने की इच्छा जताई है." इस बयान के बाद से, टेस्ला ने भारत में अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार किया है और गुरुग्राम, नई दिल्ली, मुंबई व बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में अपने स्टोर्स खोले हैं. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या मौनी रॉय और दिशा पाटनी ने कर ली है शादी? जानें इंटरनेट पर वायरल हो रही 'वेडिंग फोटो' का पूरा सच

भारत की ईवी नीति और एलन मस्क का रुख

भारत सरकार लगातार वैश्विक वाहन निर्माताओं को स्थानीय स्तर पर ईवी बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. नई नीति के तहत, जो कंपनियां भारत के ईवी इकोसिस्टम में लगभग 500 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4,100 करोड़) का निवेश करने के लिए तैयार हैं, उन्हें सरकार महज 15 प्रतिशत के रियायती सीमा शुल्क (Customs Duty) पर एक सीमित संख्या में कारें आयात करने की अनुमति दे रही है, जो पहले 70 प्रतिशत तक हुआ करती थी.

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क अतीत में कई बार भारत के उच्च आयात शुल्क पर चिंता जता चुके हैं.  साल 2024 में मस्क का भारत दौरा भी प्रस्तावित था, जहां वे एक बड़े निवेश की घोषणा करने वाले थे, लेकिन "टेस्ला के कुछ बेहद जरूरी कामों" का हवाला देकर उन्होंने इस दौरे को टाल दिया था.

भविष्य की योजनाएं अभी भी अस्पष्ट

भारत में स्थानीय स्तर पर कारों के निर्माण को लेकर टेस्ला की योजनाएं पिछले कई वर्षों से अनिर्णायक रही हैं. जहां एक ओर भारत सरकार का रुख स्पष्ट है कि यदि टेस्ला को भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर काम करना है, तो उसे यहीं गाड़ियाँ बनानी होंगी; वहीं दूसरी ओर टेस्ला पहले आयातित कारों के जरिए भारतीय बाजार में मांग को परखना चाहती थी. फिलहाल, टेस्ला ने अपने भारत प्लांट की योजना को जारी रखने या रद्द करने के संबंध में कोई नया सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है.

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