Fact Check: क्या जानवरों ने की रूस में भूकंप की भविष्यवाणी? कामचटका भूकंप से पहले 5 बेलुगा व्हेल किनारे पर बहकर आईं, जानें वायरल दावे की सच्चाई
क्या जानवरों ने रूस के कामचटका में आए 8.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप को महसूस किया था? एक वायरल दावे से ऐसा ही लगता है. हालांकि, एक तथ्य-जांच से पता चलता है कि यह दावा झूठा है. यह वीडियो हाल का नहीं है. वायरल पोस्ट पर एक कम्युनिटी नोट में स्पष्ट किया गया है कि यह वीडियो 15 अगस्त, 2023 का है.
मुंबई, जुलाई 30: क्या जानवरों ने रूस (Russia) के कामचटका (Kamchatka) में आए 8.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप (Earthquake) को भांप लिया था? एक वायरल दावे से यही संकेत मिलता है. कई सोशल मीडिया (Social Media) यूजर्स एक वीडियो शेयर कर रहे हैं जिसमें दावा किया गया है कि भूकंप से एक दिन पहले कामचटका में पांच बेलुगा व्हेल (Beluga Whales) बहकर किनारे पर आ गईं थीं. इससे जानवरों में प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान लगाने की क्षमता का संकेत मिलता है.
एक पोस्ट में तो यहां तक दावा किया गया था- ‘जानवरों ने हमें चेतावनी दी थी और हमने नहीं सुनी,’ (THE ANIMALS WARNED US – AND WE DIDN’T LISTEN) और व्हेल के फंसे होने को सीधे भूकंप के केंद्र से जोड़ा गया था. नेचर इज अमेजिंग और @HustleBitch_ _ जैसे अकाउंट्स द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में यह दर्शाया गया था कि व्हेल का व्यवहार भूकंपीय आपदा का एक स्वाभाविक पूर्वाभास था. हालांकि, इन दावों ने संदेह को जन्म दिया है और वीडियो के पीछे के वास्तविक संदर्भ की पुष्टि के लिए तथ्य-जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Viral Video: जापान के समुद्र तट पर फंसी व्हेलों ने बढ़ाई चिंता, वैज्ञानिकों को सुनामी की आशंका
2023 के बेलुगा व्हेल वीडियो को रूस में भूकंप की भविष्यवाणी बताकर गलत तरीके से पेश किया गया
बेलुगा द्वारा रूस में भूकंप की भविष्यवाणी करने का दावा करने वाली पोस्ट वायरल हो गई
कामचटका में बेलुगा व्हेल बचाव का पुराना वीडियो
वायरल पोस्ट पर एक कम्युनिटी नोट से पता चला कि वीडियो पुराना है और 30 जुलाई को आए भूकंप से संबंधित नहीं है. दरअसल, यह वीडियो 15 अगस्त 2023 का है, जब पांच बेलुगा व्हेल (चार वयस्क और एक बच्चा) रूस के सुदूर पूर्व में टिगिल नदी के मुहाने के पास फंस गई थीं. स्थानीय मछुआरों ने फंसी हुई व्हेल को समुद्री पानी से ठंडा करके और ज्वार आने तक उन्हें मछलियां खिलाकर बचाया, जिससे ये स्तनधारी सुरक्षित रूप से वापस तैरकर आ गईं. गौरतलब है कि बेलुगा व्हेल बड़ी होती हैं, जिनका वजन 3,500 पाउंड तक होता है, जिससे उन्हें शारीरिक रूप से दूसरी जगह ले जाना मुश्किल हो जाता है. यह भी पढ़ें: How Earthquakes Trigger Tsunamis: भूकंप और सुनामी का रिश्ता, जानें कैसे कांपती धरती समंदर में लाती है विनाशकारी तूफान
उनके अनोखे जीव विज्ञान में ठंड से बचाव के लिए एक मोटी चर्बी की परत और बर्फीले पानी में चलने में मदद करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक मेलन शामिल है. अत: इसका निष्कर्ष यह है कि बेलुगा के किनारे पर आने के इस वीडियो का 30 जुलाई 2025 के भूकंप से संबंध नहीं है. यह एक पुराना वीडियो है जिसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है. हालांकि जानवर कभी-कभी पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति संवेदनशील होते हैं, लेकिन इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि ये बेलुगा किसी आसन्न भूकंप का संकेत दे रहे थे.
Fact check
हाल ही में आए 8.8 तीव्रता वाले भूकंप से ठीक पहले कामचटका में पांच बेलुगा व्हेल मछलियां बहकर तट पर आ गईं, जिससे आपदा की चेतावनी मिल गई.
यह वीडियो अगस्त 2023 का है और भूकंप से संबंधित नहीं है.