FACT CHECK: क्या गर्भनिरोधक गोलियां कैंसर का कारण बनती हैं? जानें सोशल मीडिया के दावों की क्या है हकीकत
Representational Image (Photo Credits: Pexels)

Contraceptive Pill Cancer Claim Fact Check: हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे TikTok और Instagram पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें कहा जा रहा है कि गर्भनिरोधक गोलियों को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने Group 1 कार्सिनोजेन यानी कैंसर की वजह बनने वाले पदार्थों की सूची में शामिल किया है. कुछ पोस्ट में यहां तक कहा गया कि ये गोलियां तंबाकू और एस्बेस्टस जैसी ही खतरनाक हैं. लेकिन क्या यह सच है? चलिए जानते हैं हकीकत.

ये भी पढें: FACT CHECK: क्या वाकई सांड को लाल रंग देखकर गुस्सा आता है? जानिए वायरल धारणा के पीछे की असली सच्चाई 

'WHP ने गर्भनिरोधक गोलियों को ग्रुप 1 कार्सिनोजेन के लिस्ट में रखा'

क्या है वायरल दावे की असली सच्चाई?

सबसे पहले आपको ये जानना जरूरी है कि WHO ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि "सभी" गर्भनिरोधक गोलियां कैंसर का कारण बनती हैं. लेकिन WHO की कैंसर रिसर्च एजेंसी IARC (International Agency for Research on Cancer) ने कुछ खास तरह की गोलियों को Group 1 Carcinogen की श्रेणी में जरूर रखा है. इसका मतलब है कि वैज्ञानिकों के पास इस बात के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि ये खास गोलियां इंसानों में कैंसर पैदा कर सकती हैं.

IARC ने सिर्फ कंबाइंड पिल को Group 1 में रखा

अब बात करते हैं कि ये गोलियां कौन-सी हैं. असल में दो तरह की हार्मोनल गर्भनिरोधक गोलियां होती हैं. एक होती है कंबाइंड पिल, जिसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजन दोनों हार्मोन होते हैं. दूसरी होती है मिनी पिल, जिसमें सिर्फ प्रोजेस्टोजन होता है. IARC ने सिर्फ कंबाइंड पिल को Group 1 में रखा है. वहीं मिनी पिल को Group 2B यानी "संभवत: कैंसर पैदा करने वाला" माना गया है.

वायरल हो रहे दावे पूरी तरह सच नहीं

कुछ रिसर्च में ये भी सामने आया है कि इन गोलियों के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है. लेकिन दूसरी ओर, कई अध्ययनों ने यह भी बताया है कि यही गोलियां कुछ दूसरे प्रकार के कैंसर जैसे कि कोलन या ओवरी कैंसर के जोखिम को कम भी कर सकती हैं.

तो कुल मिलाकर देखा जाए, तो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे पूरी तरह सच नहीं हैं. हां, कुछ हद तक सच्चाई जरूर है कि कंबाइंड पिल को कैंसर से जोड़कर देखा गया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर महिला जो ये गोली लेती है, उसे कैंसर हो जाएगा. यह पूरी तरह व्यक्ति की सेहत, हार्मोनल संतुलन और अन्य कारकों पर निर्भर करता है.

डरने की जरूरत नहीं

इसलिए डरने की नहीं, बल्कि सही जानकारी और डॉक्टर की सलाह के साथ फैसला लेने की जरूरत है. अगर आप गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करना चाहती हैं तो किसी गाइनेकॉलजिस्ट से परामर्श जरूर लें. ये गोलियां किसी के लिए फायदेमंद हो सकती हैं, तो किसी के लिए नुकसानदायक भी.