VIDEO: सेना के सामने निडर अंदाज में डांस...नेपाल में GEN-Z आंदोलन के बीच 'शाओलिन मास्टर' का वीडियो वायरल
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Nepal Gen Z Protests 2025: नेपाल की सड़कें जंग का मैदान बन गईं. इस बार मोर्चा संभालने वाले कोई पुराने नेता या संगठन नहीं, बल्कि देश की युवा पीढ़ी, यानी जेन ज़ी (Gen Z) थी. भ्रष्टाचार और सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की कोशिशों से तंग आकर हज़ारों युवा सड़कों पर उतर आए. जो शुरू में एक विरोध प्रदर्शन था, वह जल्द ही एक हिंसक विद्रोह में बदल गया, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया.

गुस्से की आग और प्रधानमंत्री का इस्तीफा

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि पुलिस के साथ उनकी सीधी झड़पें हुईं. स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस ने भीड़ पर गोलियां चला दीं, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हो गए. इस घटना ने आग में घी का काम किया. गुस्साई भीड़ ने काठमांडू में संसद भवन को ही आग के हवाले कर दिया. देश में मचे इस बवाल और चौतरफा दबाव के बीच प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा.

जब जेल की दीवारें भी नहीं रोक पाईं

आंदोलन सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहा. देश भर में कानून-व्यवस्था चरमरा गई. इसका सबूत जेलों से मिला, जहां कैदियों ने विद्रोह कर दिया. पोखरा की जेल से 900 कैदी और जलेश्वर की जेल से 572 कैदी भाग निकले. कुल मिलाकर, 1500 से अधिक कैदी फरार हो गए. इसी अराजकता के बीच, प्रदर्शनकारियों ने नक्खू जेल पर धावा बोल दिया और पूर्व उप-प्रधानमंत्री रवि लामिछाने को आज़ाद करा लिया.

हिंसा के बीच वायरल हुआ 'ड्रंकन मास्टर'

इस तनाव और हिंसा के बीच, एक वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. वीडियो में एक बिना शर्ट पहने व्यक्ति पुलिस की कतार के सामने अजीबोगरीब मार्शल आर्ट जैसी हरकतें करता दिख रहा था. वह नशे में लग रहा था, लेकिन उसका बेखौफ अंदाज़ हैरान करने वाला था.

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो गया. लोगों ने मज़ाक में उसे "शाओलिन मास्टर" या "ड्रंकन मास्टर" का नाम दे दिया. एक तरफ जहां देश जल रहा था, वहीं यह वीडियो उस दौर की अराजकता का एक अजीब प्रतीक बन गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का भी ध्यान खींचा.

क्यों भड़का था युवाओं का गुस्सा?

यह गुस्सा सिर्फ सोशल मीडिया बैन को लेकर नहीं था. नेपाल के युवा लंबे समय से बेरोज़गारी, आर्थिक अवसरों की कमी और भाई-भतीजावाद से परेशान थे. उन्हें लग रहा था कि उनका भविष्य अंधकार में है और भ्रष्ट नेता उनकी नहीं सुन रहे. सोशल मीडिया बैन ने बस उस दबे हुए गुस्से को बाहर निकालने का काम किया.

सरकार ने कर्फ्यू लगाकर और सेना को तैनात करके स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. जेन ज़ी ने यह दिखा दिया था कि जब वे अपनी पर आ जाएं, तो वे किसी भी सरकार की नींव हिला सकते हैं.