Fact Check: स्क्रैप से हवाई जहाज बनाने का दावा निकला फर्जी, बांग्लादेश के वीडियो को बिहार का बताकर किया वायरल; ऐसे हुआ खुलासा
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The Claim of Making an Airplane From Scrap Turned Out to Be Fake: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बिहार के एक किशोर अवनीश कुमार ने सिर्फ स्क्रैप मटीरियल से एक हफ्ते में हवाई जहाज बना दिया, वो भी सिर्फ 7,000 रुपये में. वीडियो को देखकर लोग काफी प्रभावित नजर आए और अवनीश को देश का अगला वैज्ञानिक तक बता दिया. लेकिन जब इस वायरल दावे की सच्चाई को गहराई से परखा गया तो जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया. दरअसल, ये वीडियो बिहार का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है. इस वीडियो में जो शख्स दिख रहा है, उसका नाम अवनिश नहीं बल्कि जुल्हास मोल्लाह (Julhas Mollah) है.

पड़ताल में पता चला कि जुल्हास मोल्लाह ने इस मिनी प्लेन को बनाने में एक हफ्ता नहीं, बल्कि चार साल लगाए हैं. और इसकी लागत महज 7,000 रुपये नहीं बल्कि करीब 8 लाख बांग्लादेशी टका है.

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स्क्रैप से हवाई जहाज बनाने का दावा निकला फर्जी

वायरल वीडियो का ऐसे हुआ खुलासा

सोचिए, कैसे एक वीडियो ने लाखों लोगों को गुमराह कर दिया. यह वही दौर है जब कुछ भी इंटरनेट पर डाल दीजिए, और लोग उसे बिना जांचे-परखे आगे शेयर कर देते हैं. ऐसा ही इस वीडियो के साथ हुआ. बिहार के नाम पर बांग्लादेश की मेहनत को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.

जुल्हास मोल्लाह पेशे से एक मैकेनिक हैं और उन्होंने इस एयरक्राफ्ट को तैयार करने में काफी वक्त और पैसा लगाया है. उनका मकसद सिर्फ एक उड़ने वाली मशीन बनाना नहीं था, बल्कि दुनिया को दिखाना था कि जुनून हो तो कुछ भी मुमकिन है. लेकिन अफसोस, उनकी मेहनत का श्रेय किसी और को दे दिया गया.

फैक्ट चेकिंग क्यों जरूरी?

ऐसे मामलों से एक जरूरी सीख मिलती है कि फैक्ट चेकिंग जरूरी है. किसी भी वायरल वीडियो, फोटो या दावे को आंख बंद कर शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जान लेना बहुत जरूरी है. वरना न केवल आप गलत जानकारी फैलाते हैं, बल्कि किसी असली मेहनत करने वाले इंसान का हक भी छीन लेते हैं.

सोशल मीडिया आज के दौर में जितना ताकतवर है, उतना ही जिम्मेदारी भरा भी है. हम सबको मिलकर तय करना होगा कि इंटरनेट पर झूठ की जगह सच को आगे बढ़ाया जाए.