Fact Check: स्कूल से सीधे स्वर्ग चले गए बच्चे, JCB उठाकर ले जा रहा चिनूक हेलिकॉप्टर? उत्तरकाशी आपदा को लेकर के बीच सोशल मीडिया पर अफवाहों का तूफान
Photo- @UttarkashiPol/X

Uttarkashi Fake News Fact Check: उत्तराखंड में 5 अगस्त को बादल फटने के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. हर्षिल में बाढ़ का पानी भरकर एक झील बन गई है, जबकि धराली गांव में मलबे में दबे लोगों को खोजने का काम तेजी से चल रहा है. बचाव दल चौबीसों घंटे जुटे हैं, लेकिन इस मुश्किल वक्त में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें और फर्जी तस्वीरें राहत कार्य में बाधा बन रही हैं. उत्तरकाशी पुलिस ने साफ कर दिया है कि गलत जानकारी फैलाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि ये लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने जैसा है. हाल के दिनों में तीन बड़े फेक केस सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.

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JCB उठाकर ले जा रहा 'चिनूक'?

पहली वायरल तस्वीर में दावा किया गया कि चिनूक हेलिकॉप्टर एक JCB मशीन को हवा में उठाकर ले जा रहा है. इसे सीधे हर्षिल-धराली बाढ़ से जोड़ दिया गया. लेकिन जांच में पता चला कि ये तस्वीर पूरी तरह से एडिटेड है. हां, चिनूक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल बाढ़ राहत में हुआ है, लेकिन JCB को इस तरह ले जाने की बात बिल्कुल गलत है.

स्कूल से सीधे स्वर्ग चले गए बच्चे?

दूसरी तस्वीर ने सोशल मीडिया पर और भी भ्रम फैलाया. इसमें क्लासरूम में बेहोश पड़े बच्चों को दिखाया गया और इसे बादल फटने से जोड़ा गया. पुलिस ने टेक्निकल जांच में पाया कि ये फोटो असली नहीं, बल्कि AI टूल से बनाई गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI फोटो में अक्सर रोशनी और छाया का मेल नहीं बैठता, जिससे सच्चाई सामने आ जाती है.

आपदा में 700 लोगों की मौत

सबसे खतरनाक मामला फेसबुक पेज "Pahadi UK 10 uki" का है, जहां पोस्ट किया गया कि आपदा में 700 लोगों की मौत हो गई है. यह खबर पूरी तरह झूठी निकली. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस पेज के अज्ञात संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है. अफसरों का कहना है कि इस तरह की मनगढ़ंत बातें जनता में डर और अफरा-तफरी फैलाती हैं, जिससे बचाव कार्य रुक सकता है.

अफवाहें फैलाना बेहद खतरनाक

इन घटनाओं के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर या फोटो को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें. आपदा के समय अफवाहें फैलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. एक गलत पोस्ट न सिर्फ लोगों का भरोसा तोड़ सकती है, बल्कि जरूरतमंद तक मदद पहुंचने में भी देरी करा सकती है.

गलत सूचना का फैलना हालात को और बिगाड़ देता है. पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार निगरानी कर रही है और जो भी झूठी खबर फैलाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.