Uttarkashi Fake News Fact Check: उत्तराखंड में 5 अगस्त को बादल फटने के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. हर्षिल में बाढ़ का पानी भरकर एक झील बन गई है, जबकि धराली गांव में मलबे में दबे लोगों को खोजने का काम तेजी से चल रहा है. बचाव दल चौबीसों घंटे जुटे हैं, लेकिन इस मुश्किल वक्त में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें और फर्जी तस्वीरें राहत कार्य में बाधा बन रही हैं. उत्तरकाशी पुलिस ने साफ कर दिया है कि गलत जानकारी फैलाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि ये लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने जैसा है. हाल के दिनों में तीन बड़े फेक केस सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.
JCB उठाकर ले जा रहा 'चिनूक'?
पहली वायरल तस्वीर में दावा किया गया कि चिनूक हेलिकॉप्टर एक JCB मशीन को हवा में उठाकर ले जा रहा है. इसे सीधे हर्षिल-धराली बाढ़ से जोड़ दिया गया. लेकिन जांच में पता चला कि ये तस्वीर पूरी तरह से एडिटेड है. हां, चिनूक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल बाढ़ राहत में हुआ है, लेकिन JCB को इस तरह ले जाने की बात बिल्कुल गलत है.
कुछ लोगों द्वारा चिनूक द्वारा उठाई JCB की उक्त तस्वीर को उत्तरकाशी के हर्षिल, धराली आपदा रेस्क्यू से जोड़ा जा रहा है, जोकि पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक है। pic.twitter.com/og632zQJS3
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) August 8, 2025
स्कूल से सीधे स्वर्ग चले गए बच्चे?
दूसरी तस्वीर ने सोशल मीडिया पर और भी भ्रम फैलाया. इसमें क्लासरूम में बेहोश पड़े बच्चों को दिखाया गया और इसे बादल फटने से जोड़ा गया. पुलिस ने टेक्निकल जांच में पाया कि ये फोटो असली नहीं, बल्कि AI टूल से बनाई गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI फोटो में अक्सर रोशनी और छाया का मेल नहीं बैठता, जिससे सच्चाई सामने आ जाती है.
सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड उक्त तस्वीर को प्रसारित कर हर्षिल, धराली आपदा से जोड़कर भ्रामकता फैलाई जा रही है। जो कि पूरी तरह भ्रामक है। सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी खबर की पुष्टि किए बिना उसे शेयर न करें। pic.twitter.com/2XO53cxyRU
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) August 8, 2025
आपदा में 700 लोगों की मौत
सबसे खतरनाक मामला फेसबुक पेज "Pahadi UK 10 uki" का है, जहां पोस्ट किया गया कि आपदा में 700 लोगों की मौत हो गई है. यह खबर पूरी तरह झूठी निकली. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस पेज के अज्ञात संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है. अफसरों का कहना है कि इस तरह की मनगढ़ंत बातें जनता में डर और अफरा-तफरी फैलाती हैं, जिससे बचाव कार्य रुक सकता है.
फेसबुक पेज Pahadi UK 10 uki पर "उत्तरकाशी आपदा में 700 लोगों की भावपूर्ण श्रद्धांजलि" से सम्बंधित असत्य, निराधार व भ्रामक तथ्यों की पोस्ट प्रसारित करने पर उक्त फेसबुक पेज के अज्ञात यूजर के विरुद्ध कोतवाली उत्तरकाशी पर FIR दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी गयी है।https://t.co/a2YCGkbzj6 pic.twitter.com/liMegcLS3p
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) August 8, 2025
अफवाहें फैलाना बेहद खतरनाक
इन घटनाओं के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर या फोटो को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें. आपदा के समय अफवाहें फैलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. एक गलत पोस्ट न सिर्फ लोगों का भरोसा तोड़ सकती है, बल्कि जरूरतमंद तक मदद पहुंचने में भी देरी करा सकती है.
गलत सूचना का फैलना हालात को और बिगाड़ देता है. पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार निगरानी कर रही है और जो भी झूठी खबर फैलाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.













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