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ऑटोपायलट सेट कर कैनेडियन शख्स ले रहा था चलती कार में नींद, 140 की स्पीड से दौड़ रही थी गाड़ी, पुलिस भी हो गई हैरान

चलती कार में सोने का परिणाम कई बार दुनिया ने देखा है. जो एक भीषण हादसे में तब्दील होता है और उसके बात सिर्फ मातम ही मातम होता है. या तो कार सवार इस तरह के हादसे में मारे जाते हैं या फिर सड़क पर चलने वाले दूसरे लोग. चलती कार में नींद लेने के का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला एक बार फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल अल्बर्टा प्रांत के पोनोका शहर के पास कनाडाई राजमार्ग पर एक ग्रामीण इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पर एक कार चालक जिसके पास टेस्ला (Tesla) कार थी. उसने उसे ऑटोपायलट में सेट किया और फिर नींद लेने लगा. इस दौरान कार की स्पीड 140 किमी / घंटा थी. इस बात की जानकारी वहां की लोकल पुलिस ने ट्वीट कर दी. उन्होंने कहा कि कार की रफ्तार से उन्हें शक हुआ.

ऑटोपायलट सेट कर कैनेडियन शख्स ले रहा था चलती कार में नींद, 140 की स्पीड से दौड़ रही थी गाड़ी, पुलिस भी हो गई हैरान
हाइवे पर ड्रायविंग के दौरान सो रहा था ड्राइवर / प्रतीकात्मक तस्वीर , (फोटो क्रेडिट्स: YouTube)

चलती कार में सोने का परिणाम कई बार दुनिया ने देखा है. जो एक भीषण हादसे में तब्दील होता है और उसके बात सिर्फ मातम ही मातम होता है. या तो कार सवार इस तरह के हादसे में मारे जाते हैं या फिर सड़क पर चलने वाले दूसरे लोग. चलती कार में नींद लेने के का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला एक बार फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल अल्बर्टा प्रांत के पोनोका शहर के पास कनाडाई राजमार्ग पर एक ग्रामीण इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पर  एक कार चालक जिसके पास टेस्ला (Tesla) कार थी. उसने उसे ऑटोपायलट में सेट किया और फिर नींद लेने लगा. इस दौरान कार की स्पीड 140 किमी / घंटा थी. इस बात की जानकारी वहां की लोकल पुलिस ने ट्वीट कर दी. उन्होंने कहा कि कार की रफ्तार से उन्हें शक हुआ.

बता दें कि कनाडाई पब्लिक ब्रॉडकास्टर सीबीसी के अनुसार, कार एक इलेक्ट्रिक टेस्ला मॉडल थी जिसे ऑटोपायलट में सेट किया गया था और जिस शख्स पर आरोप लगा है उसकी उम्र 20 वर्ष है. पुलिस सार्जेंट डारिन टर्नबुल ने सीबीसी को बताया कि वह ये सब देख के हैरान थे. उन्होंने कहा कि अपने दो दशक के करियर में ऐसा कोई मामला नहीं देखा था, लेकिन निश्चित रूप से तकनीक नहीं थी.

ज्ञात हो कि टेस्ला के ऑटोपायलट मोड से कारों को एक लेन के भीतर स्वचालित रूप से चलाने, तेज करने और ब्रेक करने की सुविधा होती है, लेकिन बिना इंसानी हस्तक्षेप के ट्रिप को बेहतर नहीं माना जाता है. वहीं, इस घटना के बाद कनाडाई टेस्ला मालिकों के क्लब के अध्यक्ष इसकी नींदा की. इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 18, 2020 06:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).