'Snow Moon' 2026: आज आसमान में दिखेगा 'स्नो मून' का अद्भुत नजारा, जानें भारत में देखने का सही समय और रोचक तथ्य
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

'Snow Moon' 2026: अंतरिक्ष प्रेमियों (Stargazers) और खगोल विज्ञान ( Lunar Enthusiasts)  में रुचि रखने वालों के लिए आज की रात बेहद खास होने वाली है. फरवरी महीने की पूर्णिमा, जिसे पारंपरिक रूप से 'स्नो मून' (Snow Moon) कहा जाता है, आज 2 फरवरी की रात अपनी पूर्ण चमक बिखेरने के लिए तैयार है. यह नजारा दुनिया भर में देखा जा सकेगा. जैसे ही सूर्यास्त के बाद पूर्वी क्षितिज से चांद उदय होगा, इसकी दूधिया रोशनी पूरे आसमान को जगमगा देगी. यह भी पढ़ें: Wolf Moon 2026 Date and Time: आज आसमान में दिखेगा साल का पहला सुपरमून, जानें कब और कैसे देखें

क्यों कहा जाता है इसे 'स्नो मून'?

'स्नो मून' नाम की उत्पत्ति उत्तरी गोलार्ध की प्राचीन परंपराओं और जनजातियों (जैसे डकोटा और चेरोकी) से हुई है.

  • भारी बर्फबारी: फरवरी का महीना उत्तरी गोलार्ध में भारी बर्फबारी के लिए जाना जाता है, इसलिए इस महीने की पूर्णिमा को 'स्नो मून' नाम दिया गया.
  • अन्य नाम: इसे 'हंगर मून' (Hunger Moon) भी कहा जाता है क्योंकि भारी बर्फबारी के कारण पुराने समय में शिकार करना कठिन हो जाता था और भोजन की कमी हो जाती थी, इसके अलावा इसे 'स्टॉर्म मून' के नाम से भी जाना जाता है.

भारत में देखने का समय और 'माइक्रूमून' का विज्ञान

भारतीय समयानुसार, स्नो मून अपनी पूर्ण अवस्था (Peak Illumination) पर 3 फरवरी की सुबह 3:39 बजे पहुंचेगा. हालांकि, आम दर्शकों के लिए यह आज यानी 2 फरवरी की पूरी शाम बेहद चमकदार और पूरा दिखाई देगा.

  • माइक्रूमून (Micromoon): इस साल का स्नो मून तकनीकी रूप से एक 'माइक्रूमून' है। चांद पृथ्वी के चारों ओर एक अंडाकार (Elliptical) कक्षा में घूमता है. आज रात चांद पृथ्वी से अपनी सबसे दूर की स्थिति (Apogee) के करीब होगा, जिससे यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 14% छोटा और 30% कम चमकीला दिखाई दे सकता है.

भारत के प्रमुख शहरों में मूनराइज का समय

भारत में आज चांद निकलने का समय शाम लगभग 5:50 बजे (IST) है. बेहतर अनुभव के लिए सूर्यास्त के तुरंत बाद उत्तर-पूर्वी क्षितिज की ओर देखना सबसे अच्छा होगा.

शहर मूनराइज का अनुमानित समय (2 फरवरी)
दिल्ली / मुंबई शाम 5:50 - 6:00 बजे
कोलकाता शाम 5:25 बजे
चेन्नई / बेंगलुरु शाम 6:05 बजे

कैसे देखें यह खगोलीय नजारा?

इस खगोलीय घटना का आनंद लेने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है. इसे नग्न आंखों (Naked eyes) से साफ देखा जा सकता है. हालांकि, यदि आप चांद की सतह पर मौजूद क्रेटर्स और 'मारिया' (चंद्र सागर) को बारीकी से देखना चाहते हैं, तो एक साधारण दूरबीन (Binoculars) या छोटे टेलिस्कोप का उपयोग कर सकते हैं.

फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए सलाह है कि वे चांद के उदय होते समय तस्वीरें लें, क्योंकि 'मून इल्यूजन' (Moon Illusion) के कारण क्षितिज पर चांद काफी बड़ा और रंगीन दिखाई देता है.