Sawan Somwar Vrat 2025: क्या आप पहली बार सावन सोमवार व्रत रखने जा रहे हैं? शिवजी को प्रसन्न करने हेतु इन नियमों का पालन जरूर करें!
हिंदू धर्म शास्त्रों में सावन के सोमवार व्रत का विशेष महत्व है. इसमें अधिकांश हिंदू परिवार में व्रत एवं शिवजी का जलाभिषेक की परंपरा निभाई जाती है. सावन के सोमवार व्रत के कुछ कड़े नियम हैं. अगर आप पहली बार सावन सोमवार का व्रत रखने जा रहे है या रही हैं, तो इन नियमों का पालन करना आवश्यक है, क्योंकि हमेशा की तरह इस वर्ष भी श्रावण माह में 4 सोमवार (14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई और 4 अगस्त) पड़ रहे हैं.
हिंदू धर्म शास्त्रों में सावन के सोमवार व्रत का विशेष महत्व है. इसमें अधिकांश हिंदू परिवार में व्रत एवं शिवजी का जलाभिषेक की परंपरा निभाई जाती है. सावन के सोमवार व्रत के कुछ कड़े नियम हैं. अगर आप पहली बार सावन सोमवार का व्रत रखने जा रहे है या रही हैं, तो इन नियमों का पालन करना आवश्यक है, क्योंकि हमेशा की तरह इस वर्ष भी श्रावण माह में 4 सोमवार (14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई और 4 अगस्त) पड़ रहे हैं. अगर आप पहली बार व्रत रख रहे हैं, निम्नलिखित नियमों का ध्यान अवश्य रखें. व्रत के दिनों में संतुलित आहार, पर्याप्त जल अथवा फ्रूट जूस जरूर लें. बाहर के खाने से बचें अपना अधिकांश समय भगवान शिव की पूजा, प्रार्थना, मंत्रोच्चार आदि में व्यतीत करें. अब आइये जानें सावन सोमवार व्रत एवं अनुष्ठान से जुड़े नियमों के बारे में..
सावन सोमवार व्रत के नियम
आहार:
सात्विक भोजन पर ध्यान दें: ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जो शुद्ध और आसानी से पचने वाले हों, जैसे फल, सब्ज़ियां और डेयरी उत्पाद (यदि शरीर बर्दाश्त करे)
सेंधा नमक का प्रयोग करें: सावन सोमवार के व्रत में अपने भोजन में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करें. वैसे भगवान शिव के किसी भी व्रत अनुष्ठान में नमक का सेवन निषेध माना जाता है.
जलयोजन: शरीर में ताजगी बनाए रखने के लिए खूब पानी, नारियल पानी या अन्य हाइड्रेट तरल पदार्थ पिएं.
तामसिक खाद्य पदार्थों से बचें: मांसाहारी खाद्य पदार्थों (मांस, मछली, अंडे), और प्याज, लहसुन तथा शराब आदि से दूर रहें.
सूर्यास्त के बाद भोजन नहीः शिवजी के पूजन व्रत में सूर्यास्त के पश्चात फलाहार का सेवन भी निषेध होता है. अतः सूर्यास्त से पूर्व खाना अवश्य खा लें.
अपने ऊर्जा स्तर का ध्यान रखें: पूरे दिन ऊर्जा का स्तर बरकरार रखने के लिए थोड़ा-थोड़ा करके, छोटे-छोटे क्रम में कुछ ना कुछ खाते रहें.
आध्यात्मिक अभ्यास:
दैनिक प्रार्थना: व्रत के दरमियान भगवान शिव को समर्पित मंत्रों, प्रार्थनाओं और अनुष्ठानों के लिए समय निकालें.
इस मंत्र जाप का जाप करें: ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ जैसे शक्तिशाली शिव मंत्रों का जाप करें.
मंदिर जाएं: यदि संभव हो, तो सावन के हर सोमवार को किसी शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर जलाभिषेक (जल, दूध, शहद, बेलपत्र आदि अर्पित करें) करें.
सामान्य स्वास्थ्य:
तनाव से बचें: व्रत के दौरान किसी भी प्रकार के तनाव और चिंता को कम करने का प्रयास करें.
पर्याप्त आराम करें: आराम को प्राथमिकता दें और बहुत कठोर शारीरिक श्रम से बचें.
सावधान रहें: अपने विचारों और कार्यों के प्रति सचेत रहें, नकारात्मक या किसी के प्रति कठोर भाषा का प्रयोग करने से बचें.
महत्वपूर्ण बातें:
अपने शरीर की सुनें: यदि आपको फिलहाल कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो उपवास शुरू करने से पहले किसी डॉक्टर या पुरोहित से परामर्श लें.
स्वयं पर ज़्यादा ज़ोर न डालें: सावन के सोमवार के व्रत कठिन होते हैं. इसलिए अपनी सेहत और शरीर की क्षमताओं का ध्यान रखें.
मार्गदर्शन लें: यदि आपको भगवान शिव के अनुष्ठानों के बारे में कोई संदेह है, तो किसी जानकार व्यक्ति या पुरोहित से परामर्श जरूर कर लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 13, 2025 03:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

