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Motivational Quotes on Madras Day 2025: ‘मद्रास महज एक शहर नहीं, भावना है,’ आइये अपनों को ये कोट्स भेजकर इसभावना को सजीव रखें!

मद्रास (अब चेन्नई) दिवस, हर साल 22 अगस्त को मनाया जाता है. गौरतलब है कि साल 1639 में इसी दिन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने विजयनगर साम्राज्य के एक स्थानीय शासक से मद्रासपट्टनम गांव खरीदा था. इस गांव को बाद में फोर्ट सेंट जॉर्ज के निर्माण के लिए इस्तेमाल किया गया और शहर का त्वरित गति से क्रमशः विकास किया गया. साल 1996 में मद्रास शहर का नाम बदलकर चेन्नई कर दिया गया.

Motivational Quotes on Madras Day 2025: ‘मद्रास महज एक शहर नहीं, भावना है,’ आइये अपनों को ये कोट्स भेजकर इसभावना को सजीव रखें!

  मद्रास (अब चेन्नई) दिवसहर साल 22 अगस्त को मनाया जाता है. गौरतलब है कि साल 1639 में इसी दिन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने विजयनगर साम्राज्य के एक स्थानीय शासक से मद्रासपट्टनम गांव खरीदा था. इस गांव को बाद में फोर्ट सेंट जॉर्ज के निर्माण के लिए इस्तेमाल किया गया और शहर का त्वरित गति से क्रमशः विकास किया गया. साल 1996 में मद्रास शहर का नाम बदलकर चेन्नई कर दिया गया. 2004 में मद्रास में रुचि रखने वालों ने मद्रास के इतिहास और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इसी दिन यानी 22 अगस्त को मद्रास दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया. इस अवसर पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमजैसे हेरिटेज वॉकव्याख्यानप्रदर्शनियां, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. आइये मद्रास शहर के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासतों की व्याख्या वाले प्रेरक कोट्स अपनों को भेजकर मद्रास दिवस के जश्न में शामिल हों.  

मद्रास (चेन्नई) दिवस 2025 पर कुछ प्रेरणादायक कोट्स:

* ‘मद्रास महज एक शहर ही नहींएक भावना है, यानि इतिहाससंस्कृति और गर्मजोशी का संगम है!

* ‘जहाँ कोरीडोर से समुद्र की शीतल वायु बहती हैवहीं दिलों में मद्रास बसता है.’

* ‘चेन्नई की सड़कों पर हर मोड़ एक कहानी बयान करता है – यही तो है मद्रास की खूबसूरती.

* ‘मद्रास – जहां परंपराएं और प्रगति एक साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं,’

* ‘इस पारंपरिक और रंगीन शहर ने सादगी को भी शान बनायाऔर शान को संस्कृति में पिरो दिया.

* ‘मद्रास का मौसम किसी भी पल बदल सकता हैलेकिन इसकी आत्मा हमेशा गर्मजोशी और उत्साह से भरी रहती है.

* ‘एक बार मद्रास से जुड़ जाएंतो दुनिया की कोई जगह अजनबी नहीं लगेगी.

* ‘जहां कांचीपुरम की साड़ियांभरतनाट्यम की थापऔर समुद्र की जोश से लबरेज लहरें, ये सब मिलकर कहानी कहते हैं अपने मद्रास की.

* ‘मद्रास वह जगह है जहां अतीत से सीख कर विकासशील भविष्य की ओर कदम बढ़ाए जाते हैं.

* ‘हर मद्रासी दिल में बसा होता है एक शांत, गरिमापूर्ण और गहरी समझ वाला, यही तो है मद्रास की मूल आत्मा!

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2025 03:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).