Masturbation Safe or Not: हस्तमैथुन, यानी खुद को यौन रूप से संतुष्ट करना, मानव जीवन का एक सामान्य और स्वाभाविक हिस्सा है. इससे न केवल शारीरिक जरूरतें (Physical Needs) पूरी होती हैं, बल्कि तनाव कम करने, बेहतर नींद लेने और यौन जागरूकता (Sexual Awareness) बढ़ाने में भी मदद मिलती है. इसके बावजूद, समाज में इसके बारे में कई भ्रांतियां और गलत धारणाएं प्रचलित हैं. खास बात यह है कि कई मामलों में पुरुषों और महिलाओं के अनुभव, शारीरिक प्रतिक्रियाएं और समाज की सोच अलग-अलग होती है.
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पुरुषों और महिलाओं में अंतर
पुरुषों के मामले में, उत्तेजना आमतौर पर लिंग के ग्लान्स या शाफ्ट पर केंद्रित होती है. ऑर्गैज्म के दौरान स्खलन (Ejaculation) होता है और उसके बाद "रिफ्रेक्टरी पीरियड (Refractory Period)" आता है, जिसमें दोबारा उत्तेजना (Excitement) तुरंत संभव नहीं होती. दूसरी ओर, महिलाओं में उत्तेजना क्लिटोरिस, वल्वा या योनि क्षेत्र के जरिए होती है. खास बात यह है कि महिलाओं में एक से ज्यादा ऑर्गैज्म (Orgasm) की संभावना रहती है, क्योंकि उनके पास रिफ्रेक्टरी पीरियड नहीं होता.
तकनीकें और प्राथमिकताएं
पुरुष आमतौर पर स्ट्रोकिंग तकनीक (Stroking Technique) का इस्तेमाल करते हैं और कभी-कभी लुब्रिकेशन या पोर्न का सहारा लेते हैं. महिलाओं में, क्लिटोरल स्टिम्युलेशन (Clitoral Stimulation), वजाइनल पेनिट्रेशन (Vaginal Penetration) या टॉयज (Toys) का इस्तेमाल आम है.
स्वास्थ्य लाभ और प्रभाव
पुरुषों में, नियमित मास्टरबेशन प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) के खतरे को कम करता है, नींद में सुधार करता है और तनाव कम करता है. वहीं, महिलाओं में यह पीरियड पेन को कम करने, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों (Pelvic Floor Muscles) को मजबूत करने और यौन जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है. दोनों ही मामलों में, एंडोर्फिन (Endorphins), डोपामाइन (Dopamine) और ऑक्सीटोसिन हार्मोन (Oxytocin Hormone) निकलते हैं, जो मूड को शांत करते हैं.
समाज और मानसिकता
महिलाओं के हस्तमैथुन पर अक्सर खुलकर चर्चा नहीं की जाती, जिससे शर्म और अपराधबोध (Guilty Feeling) की भावनाएं पैदा हो सकती हैं। दूसरी ओर, पुरुषों को इस मामले में कम सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है.
मास्टरबेशन पूरी तरह सेफ?
हस्तमैथुन पूरी तरह से सुरक्षित और सामान्य है, बशर्ते इसे संयम और स्वच्छता के साथ किया जाए. इससे जुड़े मिथकों को तोड़ना और सही जानकारी देना जरूरी है. ताकि लोग इसे एक स्वस्थ आदत के रूप में अपना सकें.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सूचनाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं. पाठकों को सलाह दी जाती है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले प्रमाणित डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें. Latestly.com इन विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है.













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