Happy Guru Nanak Jayanti 2022 Greetings: गुरु नानक जयंती पर ये ग्रीटिंग्स GIF Images और HD Wallpapers के जरिए भेजकर दें प्रकाश पर्व की बधाई
गुरु नानक जयंती हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. इस बार यह तिथि 8 नवंबर को पड़ रही है. यह त्योहार गुरु नानक देव की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. त्योहार को गुरु पूरब या प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है. गुरु नानक देव का जन्म वर्ष 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था...
Happy Guru Nanak Jayanti 2022 Greetings: गुरु नानक जयंती हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. इस बार यह तिथि 8 नवंबर को पड़ रही है. यह त्योहार गुरु नानक देव की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. त्योहार को गुरु पूरब या प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है. गुरु नानक देव का जन्म वर्ष 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था. इसीलिए इस दिन देश-विदेश के कोने-कोने में कीर्तन के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इस साल गुरु नानक जयंती 8 नवंबर, 2022 को मनाई जा रही है. इस साल गुरु नानक की 553वीं जयंती होगी. यह भी पढ़ें: Guru Nanak Jayanti 2022 Messages: गुरु नानक जयंती पर ये मैसेजेस WhatsApp Stickers, Quotes और GIF Greetings के जरिए भेजकर 553 वें प्रकाश पर्व की दें शुभकामनाएं
धार्मिक स्रोतों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि गुरु नानक सिख धर्म के पहले गुरु हैं. गुरु नानक देव का जन्म 15 अप्रैल 1469 को तलवंडी ननकाना साहिब में हुआ था. इसलिए उन्हें नानक के नाम से संबोधित किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि गुरु नानक देव ने सिख समाज की नींव रखी और इसीलिए उन्हें संस्थापक कहा जाता है. यह त्योहार उनके जीवन, उनकी उपलब्धियों और सबसे महत्वपूर्ण उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए है. इस साल 553वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है, ऐसे में शुभकामना संदेशों के जरिए लोग एक-दूसरे को बधाई देना चाहेंगे. आप भी इस अवसर पर अपनों को इन हिंदी विशेज, WhatsApp Stickers, Facebook Messages, Quotes, GIF Greetings के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- गुरु नानक जयंती की लख-लख बधाइयां

2- गुरपुरब की ढेरों शुभकामनाएं

3- गुरु पर्व की हार्दिक बधाई

4- हैप्पी गुरु नानक जयंती

5- गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं

16 साल की उम्र में गुरु नानक देव का विवाह सुलखनी नाम की लड़की से हुआ था, जो लखौकी नामक स्थान पर रहती थी. उनके दो बेटे श्रीचंद और लखमीचंद थे. ऐसा माना जाता है कि गुरु नानक देव अपने पुत्रों के जन्म के बाद अपने साथियों के साथ तीर्थ यात्रा पर निकले थे और भारत, अफगानिस्तान, फारस और अरब सहित कई देशों की यात्रा करते हुए उपदेश देते थे. इन यात्राओं को पंजाबी में 'उदासियां' कहते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 08, 2022 10:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

