Shri Ram Shlokas In Sanskrit: अयोध्या धाम की पहली वर्षगांठ पर श्रीराम की भक्ति में हो जाएं लीन, शेयर करें ये WhatsApp Messages, Quotes और Facebook Greetings
बीते 11 जनवरी को प्रतिष्ठा द्वादशी का जश्न मनाने के लिए 3 दिवसीय उत्सव का आयोजन किया गया था और अब अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 22 जनवरी 2025 को अयोध्या धाम और रामलला विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप श्रीराम की भक्ति में लीन होने के साथ-साथ संस्कृत के इन श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को शुभकामनाएं भी दे सकते हैं.
Shri Ram Shlokas In Sanskrit: कई वर्षों के संघर्ष और प्रयासों के बाद आखिरकार 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmbhoomi Mandir) और रामलला (Ram Lalla) के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी. उस दौरान सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरा देश राम की भक्ति में सराबोर हो गया था और हर तरफ जय श्रीराम के जयकारे ही सुनाई दे रहे थे. अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से इस साल 22 जनवरी 2025 को अयोध्या धाम और रामलला विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह (Ram Mandir and Ram Lalla Consecration Anniversary) मनाई जा रही है. हिंदू पंचाग के मुताबिक, बीते साल 22 जनवरी 2024 को पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को अयोध्या धाम (Ayodhya Dham Ayodhya Ram Mandir) में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी, लेकिन इस साल वो पावन तिथि 11 जनवरी को थी, इसलिए पंचांग और तिथि के मुताबिक 11 जनवरी को पहली वर्षगांठ का उत्सव धूमधाम से मनाया गया था. 11 जनवरी को अयोध्या धाम (Ayodhya Dham) की पहली वर्षगांठ को ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाया गया था.
बीते 11 जनवरी को प्रतिष्ठा द्वादशी का जश्न मनाने के लिए 3 दिवसीय उत्सव का आयोजन किया गया था और अब अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 22 जनवरी 2025 को अयोध्या धाम और रामलला विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप श्रीराम की भक्ति में लीन होने के साथ-साथ संस्कृत के इन श्लोक, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को शुभकामनाएं भी दे सकते हैं.
स्वामी रामो मत्सखा रामचन्द्र:।।
सर्वस्वं मे रामचन्द्रो दयालुर्नान्यं।
जाने नैव जाने न जाने।।
शयने यः स्मरेन्नित्यं दुःस्वप्नस्तस्य नश्यति।।
राजा सर्वस्य लोकस्य देवानां मधवानिव।।
पीनवृत्त महाबाहुं सर्वशत्रुनिवारणम्।।
तर्जनं यमदूतानाम राम रामेति गर्जनं।।
सह्स्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने।।
गौरतलब है कि पिछले साल यानी 2024 में अयोध्या धाम और श्रीरामलला के प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को सपंन्न हुई थी. ये ऐतिहासिक दिन अयोध्या वासियों के साथ-साथ समस्त देश वासियों के लिए गर्व का क्षण था. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन को संपन्न किया गया था, जिसके लिए साढ़े पांच सौ सालों तक लंबा संघर्ष चला था और लंबे इंतजार के बाद हिंदुस्तान का हर शख्स इस लम्हे का साक्षी बना था. ऐसे में हिंदू पंचाग के हिसाब से प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी को मनाए जाने के बाद अब अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह मनाई जा रही है.