Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 Wishes: श्री स्वामी समर्थ प्रकट दिन पर ये मराठी HD Wallpapers और Greetings भेजकर दें बधाई
Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 (Photo: File Image)

Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 Wishes: श्री स्वामी समर्थ प्रकट दिन Shree Swami Samarth Prakat Din 2025) इस वर्ष 31 मार्च 2025 को पड़ रहा है. स्वामी भक्तों की जानकारी के अनुसार स्वामी समर्थ पहली बार 1856 में मंगलवेढ़ा से अक्कलकोट आए थे. चैत्र शुद्ध के दूसरे दिन स्वामी समर्थ महाराज अक्कलकोट पहुंचे. ऐसा माना जाता है कि वे श्रीपाद वल्लभ और नरसिंह सरस्वती के बाद भगवान दत्तात्रेय के तीसरे पूर्ण अवतार हैं. अक्कलकोट में प्रकट होने से पहले स्वामी समर्थ घूमते हुए मंगलवेढ़ा पहुंचे. वहां हर जगह उनका नाम प्रसिद्ध हो गया. वहां से वे सोलापुर और फिर अक्कलकोट आये. श्री स्वामी समर्थ, श्री दत्त महाराज के तीसरे अवतार हैं, जो ब्रह्मा के पूर्ण रूप हैं. वे उसी रूप में प्रकट हुए हैं जिस रूप में भक्तों ने उन्हें देखा था. कुछ लोगों को वे श्री विठूमाउलि के रूप में, कुछ को श्री भगवान विष्णु के रूप में, तथा कुछ को भगवती देवी के रूप में प्रकट हुए. महाराज ने अपने भक्तों के कल्याण के लिए अनेक लीलाएं दिखाईं. यह भी पढ़ें: Phalsa Fruit Benefits: गुणों की खान ‘फालसा’, जो गर्मी के सीजन में है कई बीमारियों की काट

स्वामी महाराज सबसे पहले अक्कलकोट पहुंचे और खंडोबा मंदिर के चौखट पर निवास किया. उन्होंने अपने जीवनकाल में कई चमत्कार किये. उन्होंने राजा से लेकर कुलीन वर्ग तक अनेक लोगों पर प्रेम बरसाया. उन्होंने स्वयं भी बताया है कि वे कश्यप वंश के यजुर्वेदीय ब्राह्मण हैं तथा उनकी राशि मीन है. उन्होंने अपने शिष्यों श्री बालप्पा और श्री चोलप्पा को भी आशीर्वाद दिया. वहां से स्वामी जी ने पूरे देश का भ्रमण किया. उन्हें अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नामों से जाना जाता था. श्री स्वामी समर्थ प्रकट दिन पर हम ले आए हैं कुछ ग्रीटिंग्स, जिन्हें आप अपने प्रियजनों को भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.

उगाची भितोसी भय हे पळू दे,

जवळी उभी स्वामी शक्ती कळू दे,

जगी जन्म मृत्यू असे खेळ ज्यांचा,

नको घाबरू तू असे बाळ त्यांचा

स्वामी समर्थ महाराज प्रकट दिन निमित्त हार्दिक शुभेच्छा!

Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 (Photo: File Image)

'भिऊ नकोस मी तुझ्या पाठिशी आहे',

श्री स्वामी समर्थ महाराज प्रकट दिनानिमित्त

तुम्हाला व तुमच्या परिवारास खूप खूप शुभेच्छा!

Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 (Photo: File Image)

बंद केले नयन माझे चित्त रूप बघूनी तुझे

स्वामी तिन्ही जगाचा तू माय बाप आहे या जनाचा

स्वामी समर्थ महाराज प्रकट दिनानिमित्त मन:पूर्वक शुभेच्छा!

Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 (Photo: File Image)

'विश्वास ठेव जिथे संपते मर्यादा तुझी, तिथून साथ देतो मी',

स्वामी समर्थ महाराज प्रकट दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 (Photo: File Image)

अजाण हतबल भ्रमीत मनिची तळमळ कशी साहू,

निरसूनी माया दावी अनुभव प्रचिती नको पाहू

श्री स्वामी समर्थ महाराजांच्या प्रकट दिनानिमित्त हार्दिक शुभेच्छा!

Shree Swami Samarth Prakat Din 2025 (Photo: File Image)

प्रचलित किंवदंती के अनुसार, श्री नरसिंह सरस्वती स्वामी महाराज ने गंगापुर में निर्गुण पादुका की स्थापना की थी. तत्पश्चात्, सन् 1459 में माघ वद्य के प्रथम दिन, शक 1380 को वे शैल यात्रा के अवसर पर कर्डलिवन गये और 300 वर्षों तक कठोर तपस्या की. इस दौरान चींटियों ने उसके शरीर पर जाल बना लिया. एक दिन, जब एक लकड़हारा लकड़ी काट रहा था, तो उसकी कुल्हाड़ी उसके हाथ से फिसल गई और हवा में गिर गई.

इसके बाद आकाश से रक्त और दिव्य प्रकाश गिरा. इस ज्योति से स्वामी समर्थ महाराज प्रकट हुए. ऐसा कहा जाता है कि देश भर में भ्रमण करने के बाद अंततः उन्होंने मंगलवेढ़ा के माध्यम से अक्कलकोट में प्रवेश किया. जिस दिन स्वामी समर्थ अक्कलकोट में प्रकट हुए, वह दिन उनके प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है.