Shab-e-Barat 2026: इस्लामी कैलेंडर के शाबान महीने की 15वीं तारीख को मनाई जाने वाली 'शब-ए-बारात' आज देशभर में मजहबी अकीदत और एहतराम के साथ मनाई जाएगी. इस रात को 'बरात की रात' या 'माफी की रात' भी कहा जाता है. मुस्लिम समुदाय के लोग आज पूरी रात जागकर नमाज, कुरान की तिलावत और जिक्र-ए-इलाही में मशगूल रहेंगे. मस्जिदों और कब्रिस्तानों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय कमेटियों ने सुरक्षा व रोशनी के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
इबादत और तौबा की रात
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शब-ए-बारात वह रात है जब अल्लाह अपने बंदों के लिए रहमत के दरवाजे खोल देता है. माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल से मांगी गई तौबा (माफी) कुबूल होती है. अकीदतमंद नफिल नमाजें अदा करते हैं और आने वाले साल के लिए खैर-ओ-बरकत की दुआ मांगते हैं. यह भी पढ़े: Shab-E-Barat 2026 Wishes: शब-ए-बारात की दें अपनों को मुबारकबाद, शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Messages, Quotes और Facebook Greetings
कब्रिस्तानों में फातिहा ख्वानी
इस रात की एक अहम परंपरा अपने पूर्वजों और दुनिया से रुखसत हो चुके करीबियों को याद करना है. शाम होते ही लोग कब्रिस्तानों का रुख करते हैं, जहां कब्रों पर फूल चढ़ाए जाते हैं और उनके हक में मगफिरत (मोक्ष) की दुआ की जाती है. शहर के प्रमुख कब्रिस्तानों में नगर निगम और स्वयंसेवियों द्वारा सफाई और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई है.
हलवा और तकसीम-ए-नियाज
शब-ए-बारात के मौके पर घरों में विशेष रूप से हलवा और अन्य पकवान बनाए जाते हैं. इन पकवानों पर 'नियाज' (धार्मिक भोग) दिलाई जाती है और इसे गरीबों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों में बांटा जाता है. यह दान और मेल-मिलाप की भावना को प्रदर्शित करता है.
शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील
विभिन्न उलेमाओं और मस्जिद समितियों ने युवाओं से अपील की है कि वे इस पवित्र रात की गरिमा बनाए रखें. सड़कों पर हुड़दंग न करने, तेज आवाज में बाइक न चलाने और आतिशबाजी से बचने की सलाह दी गई है. पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है.













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