Shab-E-Barat 2026 Wishes: शब-ए-बारात की दें अपनों को मुबारकबाद, शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Messages, Quotes और Facebook Greetings
भारत में मुस्लिम समुदाय 3 फरवरी की शाम से शब-ए-बरात मना रहा है. इसे 'गुनाहों से माफी की रात' माना जाता है, जहां लोग रात भर जागकर इबादत करते हैं और अपने दिवंगत पूर्वजों की शांति के लिए दुआ करते हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को शब-ए-बारात की मुबारकबाद दे सकते हैं.
Shab-E-Barat 2026 Wishes in Hindi: इस्लामिक कैलेंडर के आठवें महीने 'शाबान' (Shaban) की 15वीं रात यानी शब-ए-बरात (Shab-E-Barat), सोमवार 3 फरवरी 2026 की शाम से शुरू हो रही है. मुस्लिम समुदाय के लिए यह रात आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसे 'मुक्ति की रात' या 'माफी की रात' भी कहा जाता है. देश भर की मस्जिदों और कब्रिस्तानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि अकीदतमंद शांतिपूर्ण ढंग से अपनी इबादत पूरी कर सकें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शब-ए-बरात की रात अल्लाह अपने बंदों के लिए रहमत और मगफिरत (माफी) के दरवाजे खोल देता है. माना जाता है कि इसी रात आने वाले साल के लिए प्रत्येक व्यक्ति का भाग्य, जीविका (रिज्क) और आयु का निर्धारण किया जाता है. इस्लाम को मानने वाले लोग इस पूरी रात जागकर नमाज, कुरान की तिलावत और दुआओं के जरिए अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं.
भारत में मुस्लिम समुदाय 3 फरवरी की शाम से शब-ए-बरात मना रहा है. इसे 'गुनाहों से माफी की रात' माना जाता है, जहां लोग रात भर जागकर इबादत करते हैं और अपने दिवंगत पूर्वजों की शांति के लिए दुआ करते हैं. इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को शब-ए-बारात की मुबारकबाद दे सकते हैं.





इस मुकद्दस रात को मनाने के लिए कई खास परंपराएं निभाई जाती हैं. लोग पूरी रात मस्जिदों या घरों में जागकर नफ्ल नमाज पढ़ते हैं और जिक्र-ओ-अजकार करते हैं. एक अहम परंपरा के तहत लोग कब्रिस्तानों में जाकर अपने मरहूम (दिवंगत) रिश्तेदारों की कब्रों पर फातिहा पढ़ते हैं और उनकी रूह की शांति के लिए दुआ करते हैं. कई लोग शाबान की 15 तारीख (4 फरवरी) को नफ्ल रोजा भी रखते हैं. इसके अलावा, गरीबों को खाना खिलाना और हलवा बांटना एक पुरानी सामाजिक रस्म है.
शब-ए-बरात का आना इस बात का संकेत है कि इस्लाम का सबसे पवित्र महीना 'रमजान' अब बहुत करीब है. लगभग 15 दिनों के बाद चांद दिखने के साथ ही रमजान के रोजे शुरू हो जाएंगे. यही कारण है कि इस रात को रमजान की तैयारी और खुद को आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करने का माध्यम माना जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2026 08:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

