Ramadan 2026: सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद लोगों में रमजान के पाक महीने की खुशी, आज पहली दिन की पढ़ी जायेगी तरावीह
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Ramadan 2026:  सऊदी अरब (Saudi Arab) की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने मंगलवार, 17 फरवरी 2026 की शाम को रमजान के पाक महीने का चांद दिखने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. इस घोषणा के साथ ही किंगडम में शाबान का महीना समाप्त हो गया है और बुधवार, 18 फरवरी 2026 को रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा. चांद दिखने की खबर मिलते ही मक्का और मदीना सहित पूरे सऊदी अरब में खुशी का माहौल है.

आज रात से शुरू होगी तरावीह की नमाज

चांद की पुष्टि होने के साथ ही आज यानी मंगलवार की रात से ही मस्जिदों में विशेष 'तरावीह' की नमाज शुरू हो जाएगी. मक्का की मस्जिद अल-हराम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में हजारों की संख्या में जायरीन पहली तरावीह की नमाज अदा करने के लिए जुटने लगे हैं. यह नमाज पूरे रमजान महीने के दौरान हर रात ईशा की नमाज के बाद पढ़ी जाती है. यह भी पढ़े:  Ramadan Moon Sighting in Saudi Arabia: सऊदी अरब में नजर आया रमजान का चांद, 18 फरवरी को पहला रोजा

सुप्रीम कोर्ट का आधिकारिक बयान

सऊदी सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, देश की विभिन्न वेधशालाओं (observatories) और आम नागरिकों से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर चांद दिखने की पुष्टि की गई है. अदालत ने पहले ही लोगों से 29 शाबान (17 फरवरी) की शाम को चांद देखने की अपील की थी. वैज्ञानिक गणनाओं के विपरीत, पारंपरिक तरीके से चांद नजर आने के बाद बुधवार को पहले रोजे का फैसला लिया गया.

भारत और अन्य देशों में स्थिति

सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद अब भारत, पाकिस्तान और अन्य एशियाई देशों में भी लोगों की नजरें आसमान पर टिकी हैं. परंपरा के अनुसार, भारत में सऊदी अरब के एक दिन बाद चांद दिखने की संभावना होती है. अगर भारत में बुधवार (18 फरवरी) की शाम को चांद नजर आता है, तो यहां 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जा सकता है.

आस्था और इबादत का महिना

रमजान का महीना इस्लाम में सबसे पवित्र माना जाता है. इस महीने में मुसलमान सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक उपवास (रोजा) रखते हैं. यह महीना केवल भूखा-प्यासा रहने का नहीं, बल्कि संयम, दान-पुण्य और अल्लाह की इबादत में खुद को समर्पित करने का समय है.