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Sawan 2025: भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना सावन! जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और इस महीने से जुड़ी हर जरूरी बात

साल 2025 में सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल चार सोमवार पड़ेंगे. यह महीना भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष है, जिसमें भक्त व्रत, अभिषेक और मंत्र जाप करके उनकी कृपा प्राप्त करते हैं. इस दौरान सात्विक जीवन शैली अपनाना और तामसिक भोजन से दूर रहना महत्वपूर्ण माना जाता है.

Sawan 2025: भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना सावन! जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और इस महीने से जुड़ी हर जरूरी बात

Sawan 2025: सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय है. इस पूरे महीने भक्त पूरी श्रद्धा से भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं. माना जाता है कि सावन में की गई पूजा और व्रत का फल तुरंत मिलता है. आइए, जानते हैं साल 2025 में सावन कब से शुरू हो रहा है, पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और इस महीने से जुड़ी हर जरूरी बात.

सावन 2025: कब से कब तक?

इस साल सावन का महीना 11 जुलाई 2025, सोमवार से शुरू होगा और इसका समापन 9 अगस्त 2025, मंगलवार को होगा.

इस बार 29 दिन का ही क्यों है सावन?

हिंदू पंचांग की गणना सौर मास और चंद्र मास के आधार पर होती है. चंद्र मास 354 दिनों का और सौर मास 365 दिनों का होता है, जिससे दोनों में 11 दिनों का अंतर आ जाता है. इस अंतर को बराबर करने के लिए हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जुड़ता है, जिसे अधिकमास कहते हैं. लेकिन साल 2025 में कोई अधिकमास नहीं है. तिथियों की गणना के अनुसार, इस बार सावन का महीना 29 दिनों का ही होगा.

सावन 2025 के सोमवार कब-कब हैं?

सावन के सोमवार का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.

  • पहला सोमवार: 14 जुलाई 2025
  • दूसरा सोमवार: 21 जुलाई 2025
  • तीसरा सोमवार: 28 अगस्त 2025
  • चौथा और आखिरी सोमवार: 4 अगस्त 2025

सावन महीने का महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, सावन के महीने में ही समुद्र मंथन हुआ था. मंथन से निकले विष को भगवान शिव ने पीकर सृष्टि की रक्षा की थी. विष के प्रभाव को कम करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया था. यही वजह है कि सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व है. यह भी माना जाता है कि इसी महीने में माता पार्वती ने कठोर तपस्या करके भगवान शिव को पति के रूप में पाया था.

भगवान शिव की पूजा विधि

सावन में आप आसान विधि से भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते हैं.

  • शुभ मुहूर्तः सावन में पूजा के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम होता है. आप सूर्योदय के बाद स्नान करके पूजा कर सकते हैं. इसके अलावा प्रदोष काल (शाम के समय) में भी शिव पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है.
  • पूजन विधि:

    1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.
    2. पूजा घर को साफ करें और भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को स्थापित करें.
    3. शिवलिंग पर गंगाजल या साफ पानी से अभिषेक करें.
    4. इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें.
    5. अब शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद चंदन, अक्षत (चावल), और सफेद फूल चढ़ाएं.
    6. भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं.
    7. घी का दीपक और धूप जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें या शिव मंत्रों का जाप करें.
    8. अंत में भगवान शिव की आरती करें.

पूजा के लिए जरूरी सामग्री

गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद चंदन, रोली, अक्षत, धूप, दीपक, फल, मिठाई और सफेद फूल.

सावन में करें इन मंत्रों का जाप

  • महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्. उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्..
  • शिव पंचाक्षर मंत्र: ॐ नमः शिवाय.
  • लघु महामृत्युंजय मंत्र: ॐ हौं जूं सः.

सावन में क्या करें और क्या न करें?

क्या करें:

  • रोजाना सुबह स्नान करके शिव जी की पूजा करें.
  • सात्विक भोजन करें.
  • व्रत रख रहे हैं तो फलाहार का सेवन करें.
  • मन को शांत रखें और शिव भक्ति में ध्यान लगाएं.
  • जरूरतमंदों को दान दें.

क्या न करें:

  • मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें.
  • शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए.
  • दिन के समय सोने से बचें.
  • किसी का अपमान न करें और न ही कोई बुरा काम करें.
  • शिवलिंग पर चढ़ाई गई चीजों को ग्रहण न करें.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2025 09:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).