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Republic Day 2026: 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा या 78वां? जानें इस बार क्या होगा खास?

भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है. इस लेख में समझें कि यह 78वां साल क्यों नहीं है, और जानें इस बार के मुख्य अतिथि, थीम और परेड में होने वाले विशेष बदलावों के बारे में.

Republic Day 2026: 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा या 78वां? जानें इस बार क्या होगा खास?
कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड (Photo Credits: ANI)

Republic Day 2026: भारत अपनी आजादी और गणतंत्र के इतिहास में एक और मील का पत्थर गाड़ने के लिए तैयार है. हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जाता है जो हर हिंदुस्तानी के लिए बेहद खास होता है. इस दिन देशभर में लोग तिरंगे को फहराकर उसे सलामी देते हैं. हर साल की तरह इस साल भी 26 जनवरी 2026 को दिल्ली के कर्तव्य पथ (Kartavya Path)  पर भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा. हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी इस बात को लेकर भ्रम है कि यह भारत का 77वां गणतंत्र दिवस है या 78वां (77th or 78th Republic Day). आधिकारिक गणना के अनुसार, भारत इस वर्ष अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जबकि संविधान लागू हुए 76 वर्ष पूरे हो रहे हैं. यह भी पढ़ें: Republic Day 2026 Parade Tickets: गणतंत्र दिवस की परेड के लिए ऑनलाइन टिकट कैसे बुक करें? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस और कीमत

77वां या 78वां? गणित समझिए

अक्सर लोगों को लगता है कि 1950 से 2026 तक 76 साल बीत चुके हैं, तो यह 76वां दिवस होना चाहिए. लेकिन भ्रम 'बीते हुए वर्षों' और 'समारोहों की संख्या' के बीच होता है. 26 जनवरी 1950 को भारत का पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया था. चूंकि पहला दिन 'प्रथम' गिना गया, इसलिए गणना हमेशा बीते हुए वर्षों से एक अंक आगे रहती है.

  • 1950: पहला गणतंत्र दिवस
  • 2000: 51वां गणतंत्र दिवस (50 साल पूरे)
  • 2026: 77वां गणतंत्र दिवस (76 साल पूरे)

2026 की विशेष थीम: 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष

इस साल का गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित है. इस वर्ष के मुख्य विषय हैं— "स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम" और "समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत". 

समारोह को यादगार बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने कलाकार तेजेंद्र कुमार मित्रा की 1923 पेंटिंग्स को परेड मार्ग पर प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है, जो राष्ट्रीय गीत के विभिन्न छंदों को दर्शाती हैं.

मुख्य अतिथि: यूरोपीय नेतृत्व के साथ कूटनीतिक मजबूती

भारत ने इस बार अपनी रणनीतिक कूटनीति का परिचय देते हुए दो प्रमुख यूरोपीय नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन परेड की शोभा बढ़ाएंगे. उनकी यह यात्रा 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के साथ जुड़ी है, जहां मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर बड़ी चर्चा होने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकटों की बुकिंग शुरू, जानें कीमतें और अन्य अहम जानकारी

परेड में पहली बार क्या होगा?

भारतीय सेना कर्तव्य पथ पर पहली बार 'फेज्ड बैटल ऐरे' (Phased Battle Array) प्रारूप का प्रदर्शन करेगी. इससे दर्शकों को यह समझने में आसानी होगी कि T-90 टैंक और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम जैसे युद्धक तंत्र एक साथ मिलकर कैसे काम करते हैं. इसके अलावा-

  • 30 झांकियां: राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की सांस्कृतिक धरोहर की झलक.
  • नारी शक्ति: सेना की सभी महिला टुकड़ियों का मार्च, जो महिला सशक्तिकरण का संदेश देगा.
  • विशिष्ट अतिथि: सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों के 10,000 नागरिकों (किसानों, कारीगरों और योजना लाभार्थियों) को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है.

समारोह का औपचारिक समापन 29 जनवरी को 'बीटिंग द रिट्रीट' (Beating the Retreat) समारोह के साथ होगा, जिसमें सेना के तीनों अंगों के बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2026 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).