रंग पंचमी 2019: आज है होली का अंतिम दिन, भगवान अपने भक्तों के साथ खेलते हैं रंग
मान्यता है कि इस दिन राधा कृष्ण जी आपस में होली खेलते हैं. पंचमी की स्वामिनी माँ सरस्वती और मां लक्ष्मी की भी इस दिन पूजा होती है. इस रंग पंचमी को धनदायक माना जाता है. स्नान ध्यान के बाद सर्वप्रथम राधा कृष्ण जी को अबीर-गुलाल लगाया जाता है.
चैत्रमास के कृष्णपक्ष की रंग पंचमी (Rang Panchami) सोमवार के दिन है. होली के पांच दिन बाद श्री रंगपंचमी मनाई जाती है. यह रंगपंचमी देवी देवताओं को समर्पित होती है. रंगपंचमी का यह पावन त्योहार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में विशेष तौर पर मनाया जाता है. इस दिन लोग अपने घरों से बाहर निकल कर रंगों के इस त्योहार का आगाज करते हैं. रंगपंचमी में होली की तरह रंग खेले जाते हैं. इसमें राधा कृष्ण जी को भी अबीर गुलाल लगाया जाता है. इस रंग पंचमी को धनदायक माना जाता है. स्नान ध्यान के बाद सर्वप्रथम राधा कृष्ण जी को अबीर-गुलाल लगाया जाता है.
मान्यता है कि इस दिन राधा कृष्ण जी आपस में होली खेलते हैं. पंचमी की स्वामिनी माँ सरस्वती और मां लक्ष्मी की भी इस दिन पूजा होती है. शिक्षा और धन प्राप्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मान्यता यह है कि इस दिन हवा में भिन्न-भिन्न रंग उड़ाए जाते हैं. इससे देवता अपनी पसंद के रंग की ओर आकर्षित होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.
इसके साथ ही यह भी मान्यता है कि इससे ब्रह्मांड में सकारात्मक तंरगों का संयोग बनता है व रंग कणों में संबंधित देवताओं के स्पर्श की अनुभूति होती है.मान्यता है कि रंगपंचमी पर पवित्र मन से पूजा पाठ करने से देवी देवता स्वयं अपने भक्तों को आशीर्वाद देने आते हैं. कुंडली के बड़े से बड़े दोष को इस दिन पूजा पाठ से काफी हद तक कम किया जा सकता हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 25, 2019 09:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

