Ramzan Eid Mubarak 2026 Messages: ईद मुबारक! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी Shayaris, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photo SMS
ऐसी मान्यता है कि रमजान के दौरान जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और बंदों की हर जायज दुआ कुबूल होती है. यही कारण है कि लोग अपना अधिकांश समय इबादत और कुरान की तिलावत में बिताते हैं. ईद का दिन इसी आध्यात्मिक यात्रा की सफलता का जश्न है. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और फोटो एसएमएस के जरिए अपनों से ईद मुबारक कह सकते हैं.
Ramzan Eid Mubarak 2026 Messages In Hindi: इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र महीने रमजान (Ramzan) के समापन के प्रतीक के रूप में 'ईद-उल-फितर' (Eid-ul-Fitr) का त्योहार इस साल 21 मार्च 2026 को पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. पूरे एक महीने तक रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करने के बाद, यह दिन इनाम और खुशियों के रूप में आता है. इसे 'मीठी ईद' के नाम से भी जाना जाता है, जो आपसी भाईचारे, त्याग और सद्भावना का संदेश देती है.
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के अनुसार, 10वें महीने यानी 'शव्वाल' की पहली तारीख को ईद मनाई जाती है. रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग 29 या 30 दिनों तक कठिन रोजे रखते हैं. चांद का दीदार होने के साथ ही इन रोजों का समापन होता है. ईद-उल-फितर का दिन रोजा पूरा होने की खुशी और अल्लाह का आभार व्यक्त करने का अवसर है.
ऐसी मान्यता है कि रमजान के दौरान जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और बंदों की हर जायज दुआ कुबूल होती है. यही कारण है कि लोग अपना अधिकांश समय इबादत और कुरान की तिलावत में बिताते हैं. ईद का दिन इसी आध्यात्मिक यात्रा की सफलता का जश्न है. इस अवसर पर आप इन हिंदी मैसेजेस, शायरी, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और फोटो एसएमएस के जरिए अपनों से ईद मुबारक कह सकते हैं.
ईद केवल उत्सव का नाम नहीं है, बल्कि यह परोपकार का भी गहरा संदेश देता है. इस दिन नमाज से पहले 'जकात-अल-फितर' या 'फितरा' देने की अनिवार्य परंपरा है. इसके तहत प्रत्येक समर्थ व्यक्ति को लगभग सवा दो किलो गेहूं या उसकी कीमत के बराबर पैसे गरीबों और जरूरतमंदों को दान करने होते हैं. मान्यता है कि यह दान रोजे के दौरान हुई गलतियों का 'सदका' (प्रायश्चित) है, ताकि समाज का हर व्यक्ति ईद की खुशियों में शामिल हो सके.
ईद के जश्न की तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरू हो जाती हैं. लोग नए कपड़े पहनकर ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करते हैं. घरों में पारंपरिक 'मीठी सेवइयां', शीरखुरमा और अन्य लजीज पकवान बनाए जाते हैं. इस दिन लोग एक-दूसरे के गले मिलकर गिले-शिकवे दूर करते हैं और भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं.